समुद्री उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए MPEDA और NCDC के बीच समझौता

नई दिल्लीसमुद्री उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एमपीईडीए) और राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) ने समुद्री उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देकर लोगों को बेहतर कीमत प्रदान करने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों में तालमेल कायम करने के वास्ते एक समझौता किया है ।

एमपीईडीए के अध्यक्ष के.एस. श्रीनिवास और एनसीडीसी के प्रबंध निदेशक संदीप कुमार नायक ने कल शाम कोच्चि में समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किये।

इस अवसर पर एस श्रीनिवास ने कहा, ‘‘हमने सरकार की नीतियाें के अनुरूप निर्यात पर फाेकस सहित विभिन्न क्रियाकलापों के माध्यम से हितधारकाें को बेहतर मूल्य दिलाने के लिए समुद्री उत्पादाें के निर्यात संवर्धन के हित में संयुक्त रूप से काम करने की पर्याप्त गुंजाइश की पहचान की है।’’

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समझौते के तहत, एमपीईडीए और इसकी सोसायटी (एनईटीएफआईएस, एनएसीएसए और आरजीसीए) और एनसीडीसी समुद्री उत्पादों के निर्यात क्षेत्र में प्राथमिक उत्पादन और हार्वेस्टिंग उपरांत प्रबंधन के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए सहकारी समितियाें काे तकनीकी ज्ञान प्रदान करने के लिए संयुक्त कार्यक्रम तैयार करेंगे।

एमपीईडीए और उसकी सोसायटी एनसीडीसी के साथ विभिन्न राज्यों में सभी समूहों की एक सूची साझा करेंगे, जो निर्यात के लिए समूहों से संपर्क कर सकते हैं। यह एनसीडीसी द्वारा सहायता प्राप्त या पहचान की गई सहकारी समितियों द्वारा निर्यात की सुविधा भी प्रदान करेगा।

हितधारक की क्षमता के विकास के लिए करेंगे काम

दोनों पक्ष संयुक्त रूप से विभिन्न हितधारक की क्षमता के विकास के लिए काम करेंगे, सम्पर्क और संवाद कार्यक्रम आयोजित करेंगे और हितधारकों के लिए कार्यशालाओं का आयोजन करेंगे। समझौता ज्ञापन में यह भी परिकल्पना की गई है कि एमपीईडीए और इसकी सोसाइटी और एनसीडीसी विभिन्न प्रकार के माध्यमों से भारतीय और वैश्विक बाजार, उत्पादों, प्रौद्योगिकियों, प्रक्रियाओं, हितधारकों के ज्ञान और सेवाओं के प्रदर्शन के लिए निकटता से काम करें जिसकी पहचान समय पर की जा सकती है।

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इसके अलावा, वे सरकार द्वारा निर्धारित निर्यात लक्ष्यों और किसान की आय को दोगुना करने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए मिलकर काम करेंगे। इन क्षेत्रों में कार्यान्वयन के लिए सहयोग और खर्च एनसीडीसी और एमपीईडीए और इसकी सोसाइटियों द्वारा अपनी वित्तीय सहायता योजनाओं के संबंधित सक्षम प्रावधानों के माध्यम से पूरा किया जाएगा।

समझौते के तहत एक संयुक्त समन्वय समिति (जेसीसी) की स्थापना पर भी सहमति व्यक्त की जिसमें एमपीईडीए और एनसीडीसी के प्रतिनिधि हाेंगे। जेसीसी एक तिमाही में कम से कम एक बार बैठक करेगी और समय पर निगरानी और प्रगति की समीक्षा करेगी।

इन्पुट- यूनीवार्ता