नयी दिल्ली: दक्षिण पूर्वी जिले के थाना शाहीन बाग की टीम ने चंदा माँगने के नाम पर घर में घुसकर चोरी करने वाले को गिरफ़्तार किया है जिसकी पहचान अख़लाक़ के रूप में हुई है। वह उत्तर प्रदेश के बिजनौर का रहने वाला है।

दक्षिण पूर्वी जिले के पुलिस उपयुक्त आर पी मीना ने गुरुवार को बताया कि 10 जुलाई को थाना शाहीन बाग में घर में चोरी के संबंध में एक पीसीआर कॉल प्राप्त हुई थी। पुलिसकर्मी तुरंत मौके पर पंहुचा और शिकायतकर्ता से मुलाकात की। शिकायतकर्ता ने बताया कि सुबह लगभग आठ बजे वह सो रही थी तभी कोई उनके परिसर में प्रवेश कर टेबल पर रखे दो मोबाइल फोन चोरी कर ले गया। इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई।

बिजनौर के नवाब हुसैन के नाम पर पाया गया सिम

उन्होंने कहा कि अपराध की गंभीरता को भांपते हुए शाहीन बाग थानाध्यक्ष के नेतृत्व में एसआई शील कुमार, एएसआई नासिर, प्रधान सिपाही रविंदर, सिपाही सुरेंद्र और सिपाही रोशन एक समर्पित टीम गठित की गई। टीम ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों का विश्लेषण किया और इसमें शामिल आरोपियों के फुटेज एकत्र किए। चोरी किए गए मोबाइल फोन के मोबाइल नंबरों को सर्विलांस पर रखा गया है। जाँच के दौरान पता चला कि लूटा गया मोबाइल फोन आखिरी बार मुस्तफाबाद इलाके में सक्रिय था, उसके बाद मोबाइल फोन बंद कर दिया गया। उसके बाद उत्तर पूर्वी दिल्ली के मुस्तफाबाद इलाके में आरोपियों का तलाशी अभियान चलाया गया। टीम के प्रयास का कोई नतीजा नहीं निकला। इस बीच दिनांक 29 अगस्त को एक मोबाइल फोन किसी नम्बर पर सक्रिय पाया गया।

ऑनलाइन क्लास के दौरान सेक्स करता पकड़ा गया स्टूडेंट , घटना हुई वायरल

उस नम्बर की जाँच की गई तो पता चला कि वह सिम बिजनौर के किरतपुर निवासी नवाब हुसैन के नाम पर पंजीकृत किया गया है। जाँच टीम ने तत्काल किरतपुर में छापा मारा और कथित व्यक्ति से पूछताछ की गई। कथित व्यक्ति ने बताया कि उसने उक्त मोबाइल फोन अपने एक दोस्त अखलाक से खरीदा था। उसके बाद पुलिस ने आरोपी अखलाक को किरतपुर से उसके आवास से गिरफ्तार किया। उसके पास से दो मोबाइल फोन जब्त किया गये।

मदरसे के लिए चंदे के बहाने से करता था चोरी

पुलिस के अनुसार लगातार पूछताछ के बाद आरोपी अखलाक ने बताया कि वह गरीब है। वह अपनी आजीविका कमाने के लिए मुस्लिम आबादी वाले क्षेत्रों से मदरसों के लिए चंदा इकट्ठा करता है। इस तरह वह घर में आसानी से घुस जाता है और परिवार में जगह और परिवार के सदस्यों की भी जांच करता है। इसके बाद, वह अवसरों के आधार पर घर में चोरी और डकैती करता है। उसने स्वीकार किया कि 10 जुलाई को मदरसे के लिए चंदा लेने के बहाने एक घर में घुस गया। जब उसने देखा कि मकान मालकिन सो रही है, तो उसने वहां से बारह हज़ार रुपये और दो मोबाइल फोन की चोरी कर ली। चोरी किये हुए पैसे उसने अपनी मौज मस्ती में खर्च कर दिए और एक मोबाइल फोन अपने दोस्त को बेच दिया।