जालौन में पुलिस प्रताड़ना से क्षुब्ध होकर एक युवक ने फांसी लगाकर जान दे दी, इस घटना के बाद पूरे घर में कोहराम और पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। इस घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी लिए भेज दिया, वही मामले की शिकायत लेकर परिजन एसपी ऑफिस पहुंचे, जहां उन्होंने मंडी चौकी प्रभारी पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए पुलिस अधिकारियों को शिकायती पत्र दिया। जिसके बाद पुलिस अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए हैं, मामले की जांच कराने की बात कही है। वही जब पर जान जिला अस्पताल की मोर्चरी में पहुंचे जहां उन्होंने शव की आंखों को गायब देखा तो परिजनों ने शव को जिला अस्पताल गेट के बाहर रखकर हंगामा किया, हंगामा देख पुलिस मौके पर पहुंची और उन्होंने परिजनों को समझाने का प्रयास किया बड़ी मशक्कत के बाद समझाने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
मामला उरई कोतवाली क्षेत्र के इंदिरा नगर का है, बताया गया है कि यहां के रहने वाले विनय रायकवार 21 अप्रैल को उरई कोतवाली के मंडी चौकी प्रभारी अभिषेक कुमार द्वारा 3/25 आर्म्स एक्ट में जेल भेज दिया था, जिसके बाद उसकी मां गुड्डन ने जैसे तैसे करके अपनी बेटे विनय को जमानत पर छुड़ाया था। जमानत पर छूटने के बाद जब वह घर पर रह रहा था, उसी दौरान मंडी चौकी प्रभारी अभिषेक द्वारा लगातार घर आकर परेशान किया जाने लगा, साथ ही उसे फिर से मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने की धमकी दी जाने लगी, जिस से आहत होकर विनय ने शुक्रवार की रात में घर पर फांसी लगाकर जान दे दी, इसके बारे में उसकी मां तथा दो बहनों को सुबह पता चली, जिसके बाद घर में कोहराम मच गया। घटना की जानकारी जैसे ही उरई कोतवाली पुलिस को भी पुलिस के हाथ पैर फूल गए और उन्होंने तत्काल आनन-फानन में घटनास्थल पर जाकर युवक के शव को कब्जे में लेकर तत्काल पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, वही मृतक की मां गुड्डन ने उरई एसपी ऑफिस पहुंचकर धरना देते हुये अधिकारियों को इस मामले में शिकायती पत्र दिया। जहां मां का आरोप है कि मंडी चौकी प्रभारी अभिषेक ने उसके लड़के को झूठा तमंचा लगाकर जेल भेज दिया, जब उसको जमानत पर लेकर आये तो मंडी चौकी प्रभारी आये दिन घर पर आकर लगातार प्रताड़ित करने लगे, जिस से आहत होकर उसने फांसी लगाकर जान दे दी। जब पुलिस अधिकारियों से शिकायत करने के बाद परिजन उरई जिला अस्पताल मोर्चरी पहुंचे, जब पुलिस वाले उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज रहे थे, जैसे ही परिजनों ने मृतक के शव को देखा, उसकी आंखें गायब थी, जिसके बाद परिजनों ने शव को बीच सड़क पर रखकर जाम लगा लिया, साथ ही जोरदार हंगामा किया, हंगामे की सूचना पर पुलिस बल मौके पर पहुंचा और उन्होंने परिजनों को समझाने का प्रयास किया। वहीं मृतक की बहन सोनिया का आरोप है कि उसके भाई की आंखों को मोर्चरी से निकाल ली गई है।
वहीं इस घटना के बारे में जालौन के अपर पुलिस अधीक्षक राकेश सिंह का कहना है कि 21 अप्रैल को विनय रायकवार उर्फ महाकाल को झांसी रोड पर एक तमंचा, तीन कारतूस के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जिसके बाद वह छूटकर आया तो उसने फांसी लगाकर जान दे दी, उन्होंने बताया कि परिजनों ने पुलिस प्रताड़ना का आरोप लगाया है, जिसकी जांच उन्होंने उरई सीओ संतोष कुमार को दी है, जांच में जो सामने आएगा उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

रिपोर्ट- नवीन कुशवाहा