नयी दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट में एक और याचिका दायर करके भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 124ए के तहत राजद्रोह के अपराध की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गयी है। महिला पत्रकार- पेट्रीसिया मुखिम और अनुराधा भसीन की ओर से यह याचिका दायर की गयी है। राजद्रोह को चुनौती देने वाली यह पांचवी याचिका है।


याचिकाकर्ताओं ने दावा किया है कि जब तक इस कानून को हटा नहीं दिया जाता तब तक पत्रकारों को डराने, चुप कराने और दंडित करने के लिए राजद्रोह अपराध का इस्तेमाल बेरोकटोक जारी है।
याचिका में कहा गया है कि जब तक इस प्रावधान को आईपीसी से हटा नहीं दिया जाता है, तो यह अभिव्यक्ति और प्रेस की स्वतंत्रता के रास्ते में बाधक बनता रहेगा।

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इससे पहले दो पुरुष पत्रकारों ने राजद्रोह के प्रावधान वाली धारा 124ए की संवैधानिकता को चुनौती दी है, जिस पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया जा चुका है। पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण शौरी ने भी एक याचिका दायर की है।