● ज्यादातर लोग बिना मास्क के घूम रहे, भीड़ उमड़ रही
● सोशल डिस्टेंसिंग की किसी को परवाह नहीं, कोई रोकटोक नहीं
● पिछले साल संक्रमित मरीज मिलने पर सील हो चुका है अस्पताल


कानपुर: कोरोना के बढ़ते मामलों से चुन्नीगंज स्थित अपोलो स्पेक्ट्रा अस्पताल बेखबर है। अस्पताल में कोविड गाइडलाइंस की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही है। वहाँ न तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा रहा है और न ही मास्क पहनने की अनिवार्यता ही लागू हो रही। यह सब तब है जबकि पिछले साल कोरोना संक्रमित मरीज मिलने के बाद यह अस्पताल तकरीबन सवा महीने सील रहा था।

शनिवार को सुबह से लेकर शाम तक चुन्नीगंज स्थित अपोलो स्पेक्ट्रा अस्पताल में भारी भीड़ रही। बताया गया कि अस्पताल के सारे बेड भरे हुए हैं और उनके तीमारदारों-मिलने वालों की भीड़ है। इस संवाददाता ने अस्पताल में जगह जगह समूह में लोगों को खड़ा देखा। अस्पताल स्टॉफ की ओर से लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए कतई नहीं बताया जा रहा था। ओपीडी में भी मरीजों की भारी भीड़ जमा रही। यहां भी सोशल डिस्टेंसिंग की खुलकर धज्जियां उड़ रही थीं। लॉबी में मौजूद ज्यादातर लोग मास्क ही नहीं लगाए थे। उनसे कोई टोकाटाकी भी नहीं की किसी ने।

आज ही के दिन बदल गयी थी कोविड को ले कर हमारी सोच

यह सब तब है जब कानपुर शहर समेत पूरे प्रदेश में लगातार कोरोना मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। और तो अस्पताल का स्टाफ भी इस ओर से लगता है बेफिक्र है क्योंकि काफी कर्मचारियों के चेहरों पर भी मास्क नहीं हैं। अस्पताल गेट पर इंट्री तो की जा रही है हर व्यक्ति की लेकिन भीड़ रोकने के कोई इंतजाम नहीं हैं। नतीजतन वहाँ भारी हुजूम उमड़ रहा है।

स्टाफ़ ने किया बात करने से इंकार

गौरतलब है कि पिछले वर्ष इन्हीं दिनों में जब शहर में कोरोना का संक्रमण तेज था, अपोलो अस्पताल, चुन्नीगंज में एक कोरोना संक्रमित मरीज मिलने के बाद अस्पताल को तकरीबन सवा महीने तक सील रहना पड़ा था। उस दौरान अस्पताल के कई डॉक्टरों और काफी स्टॉफ को कोरेन्टीन कर दिया गया था। तब प्रबंधन के काफी प्रयासों के बाद यह अस्पताल खुल पाया था। ऐसे में अस्पताल में इस तरह की लापरवाही फिर दोहराने की बात समझ से परे है। क्या अस्पताल प्रशासन लोगों को खतरे में डालने का काम नहीं कर रहा है..? इस सम्बंध में अस्पताल के जिम्मेदार लोगों से बात करने का काफी प्रयास किया गया लेकिन सभी की व्यस्तता स्टाफ द्वारा बतायी गई और रिसेप्शन पर बैठे लोगों ने बात ही करने से इंकार कर दिया।

(न्यूज क्रांति ब्यूरो)