इमर्जेंसी सेवाये के साथ ई-ओपीडी सेवा भी दे रहा है सैफई चिकित्सा विश्वविद्यालय-कुलपति

इमर्जेंसी सेवाये के साथ ई-ओपीडी  सेवा भी दे रहा है सैफई चिकित्सा विश्वविद्यालय-कुलपति

इटावा :- सैफई । चिकित्सा विश्वविद्यालय, सैफई (यूपीयूएमएस) के कोविड-19 अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती सभी मरीजों के बेहतरीन इलाज के साथ अस्पताल प्रशासन द्वारा नियमित रूप से इमरजेंसी सेवाएं भी लगातार 24 घंटे प्रदान की जा रही है। जिसमें इमर्जेंसी एवं ट्रामा, मेडिसिन आईसीयू, डायलिसिस, हेड इंजरी आईसीयू, लेबर रूम, बर्न वार्ड इत्यादि

इटावा :- सैफई । चिकित्सा विश्वविद्यालय, सैफई (यूपीयूएमएस) के कोविड-19 अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती सभी मरीजों के बेहतरीन इलाज के साथ अस्पताल प्रशासन द्वारा नियमित रूप से इमरजेंसी सेवाएं भी लगातार 24 घंटे प्रदान की जा रही है। जिसमें इमर्जेंसी एवं ट्रामा, मेडिसिन आईसीयू, डायलिसिस, हेड इंजरी आईसीयू, लेबर रूम, बर्न वार्ड इत्यादि में चिकित्सकीय सेवाएं लगातार दी जा रही हैं। इसके अलावा विश्वविद्यालय द्वारा टेलिमेडिसिन के माध्यम से भी 11 विभागों द्वारा मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श दिया जा रहा है। अभी तक कुल 556 मरीज ई-ओपीडी सेवा से लाभान्वित हो चुके हैं। ृ1यह जानकारी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 डा0 राजकुमार ने दी। उन्होंने बताया कि इस सम्बन्ध में पिछले कुछ दिनों का आॅकड़ा देखा जाये तो इमर्जेंसी ट्रामा में प्रतिदिन लगभग 200 से 275 गंभीर मरीज देखे जा रहे है। इसके अलावा मेडिसिन आईसीयू, डायलिसिस, हेड इंजरी आईसीयू, लेबर रूम, बर्न वार्ड आदि में लगभग 90 से 100 गंभीर मरीजों का इलाज वर्तमान में चल रहा है। इसके अलावा विश्वविद्यालय के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग द्वारा प्रतिदिन लगभग 15 से 20 मरीजों की डिलिवरी एवं सिजेरियन आप्रेशन (एलएससीएस) किये जा रहे हैं। चूॅकि कोविड एवं नान-कोविड मरीजों के लिए विभाग के डाक्टर एवं स्टाफ की अलग-अलग प्रशिक्षित टीमें 24 घंटे काम कर रही है तथा वर्तमान में अधिकांश डाक्टर कोविड-19 अस्पताल में अपनी सेवायें दे रहें हैं। ऐसे में  निकटवर्ती जनपद के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (सीएमओ) से इस सम्बन्ध में पहले ही निवेदन किया जा चुका है कि रूटीन डिलिवरी व सीजेरियन जिला अस्पताल में ही कराने की कोशिश किया जाये केवल कठिन या जटिल केस को ही चिकित्सा विश्वविद्यालय में रेफर किया जाये। हाल ही में ट्रामा एवं इमर्जेंसी बिल्डिंग के भू-तल पर गुर्दे के मरीजों के लिए शुरू की गयी 15 डायलिसिस मशीनों की वैकल्पिक व्यवस्था द्वारा रोजाना लगभग 30 मरीजों की डायलिसिस की जा रही है। इसके अलावा उसी बिल्डिंग के एमआईसीयू में भर्ती गंभीर मरीजों को आवश्यकतानुसार इमर्जेंसी डायलिसिस सुविधा वहीं पर स्थापित दो डायलिसिस मशीनों द्वारा दी जा रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा जारी।

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