किसान एक मुश्त समाधान ऋण भुगतान योजना का लाभ उठाए

किसान एक मुश्त समाधान ऋण भुगतान योजना का लाभ उठाए

उन्नाव :- जिलाधिकारी रवीन्द्र कुमार ने कहा कि कृषि भूमि के विकास एवं किसानों को मूलभूत इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराने हेतु उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड द्वारा कृषकों को दीर्घकालीन ऋण उपलब्ध कराया जाता है। जनपद उन्नाव में इन सभी बैंकों की 05 शाखाएं जो कि उन्नाव (सदर), हसनगंज, पुरवा, सफीपुर, पाटन में स्थित

उन्नाव :- जिलाधिकारी  रवीन्द्र कुमार ने कहा कि कृषि भूमि के विकास एवं किसानों को मूलभूत इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराने हेतु उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड द्वारा कृषकों को दीर्घकालीन ऋण उपलब्ध कराया जाता है। जनपद उन्नाव में इन सभी बैंकों की 05 शाखाएं जो कि उन्नाव (सदर), हसनगंज, पुरवा, सफीपुर, पाटन में स्थित है, द्वारा ऋण वितरण का कार्य किया जाता है। उन्होंने किसानों से आह्वान किया है कि लिए गए ऋण का भुगतान 31 जुलाई 2020 तक करके एक मुश्त समाधान योजना का लाभ उठाएं।इसी क्रम में सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक, सहकारिता, उन्नाव श्री विजय प्रकाश वर्मा ने अवगत कराया है कि उत्तर प्रदेश शासन द्वारा किसानों के सर्वांगीण विकास एवं ऋण भुगतान क्षमता बढाए जाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड में एकमुश्त समाधान योजना को दिनांक 31 जुलाई 2020 तक विस्तारित किया गया है।
एक मुश्त समाधान योजना के अंतर्गत तीन श्रेणियों में किसानों को सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। यथा- श्रेणी-1 के अंतर्गत यदि किसान का 31 मार्च 1997 से पूर्व का ऋण बकाया है तो मूलधन एवं उस पर मात्र 10 प्रतिशत ब्याज अदा करना होगा। श्रेणी-2 के अंतर्गत यदि कृषक द्वारा 01 अप्रैल 1997 से 31 मार्च 2007 के मध्य ऋण लिया गया है तो उसे मूलधन एवं उस पर मूलधन के बराबर ब्याज तथा 10 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज देकर ऋण जमा किया जा सकता है। श्रेणी-3 के अंतर्गत ऐसे कृषक जिनके द्वारा 01 अप्रैल 2007 से 31 मार्च 2012 के मध्य का लिया गया है किन्तु जिसे उनके द्वारा पूर्व में अदा नहीं किया गया, उस पर मूलधन एवं वाजिब ब्याज पर 35 प्रतिशत छूट दी जाएगी।
सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक, सहकारिता ने यह भी अवगत कराया है कि एक मुश्त समाधान योजना में श्रेणी-1 के अंतर्गत 22, श्रेणी-2 के अंतर्गत 178 एवं श्रेणी-3 के अंतर्गत 491 कृषक हैं, जिन पर कुल मूलधन 306.19 लाख रूपए लगा है और योजनान्तर्गत देय ब्याज केवल 514.15 लाख बनता है। समझौते के अंतर्गत दी जाने वाली छूट लगभग 327.32 लाख रूपए है।
सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक, सहकारिता ने किसानों से आह्वान किया है कि लिए गए ऋण का भुगतान 31 जुलाई 2020 तक करके एक मुश्त समाधान योजना का लाभ उठाया ये सकता है!

रिपोर्ट श्री नरायन शुक्ला (पंकज)

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