नही है कोई रेल सुविधा व बस अड्डा तथा सुविधजनक अस्पताल

नही है कोई रेल सुविधा व बस अड्डा तथा सुविधजनक अस्पताल

खुदागंज :- उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले का एक नगर पंचायत शहर है। खुदागंज शहर को 11 वार्डों में विभाजित किया गया है जिसके लिए हर 5 साल में चुनाव होते हैं। खुदागंज नगर पंचायत की जनसंख्या 14,737 है, जिसमें 7,848 पुरुष हैं, जबकि 6,889 महिलाएं हैं। जो कि जनगणना इंडिया 2011 द्वारा जारी की

खुदागंज :- उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले का एक नगर पंचायत शहर है। खुदागंज शहर को 11 वार्डों में विभाजित किया गया है जिसके लिए हर 5 साल में चुनाव होते हैं। खुदागंज नगर पंचायत की जनसंख्या 14,737 है, जिसमें 7,848 पुरुष हैं, जबकि 6,889 महिलाएं हैं।

जो कि जनगणना इंडिया 2011 द्वारा जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार है। 0-6 आयु वर्ग के बच्चों की जनसंख्या 2483 है जो खुदागंज (एनपी) की कुल जनसंख्या का 16.85% है। खुदागंज नगर पंचायत में, महिला लिंग अनुपात 912 के राज्य औसत के मुकाबले 878 का है।

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इसके अलावा खुदागंज में बाल लिंग अनुपात 902 के उत्तर प्रदेश राज्य औसत की तुलना में लगभग 866 है। खुदागंज शहर की साक्षरता दर राज्य के औसत 67.68% से 56.01% कम है। । खुदागंज में पुरुष साक्षरता लगभग 63.66% है जबकि महिला साक्षरता दर 47.31% है।

खुदागंज नगर पंचायत में कुल 2,521 से अधिक घर हैं जिनमें यह पानी और सीवरेज जैसी बुनियादी सुविधाओं की आपूर्ति करता है। यह नगर पंचायत सीमा के भीतर सड़कों का निर्माण करने और इसके अधिकार क्षेत्र में आने वाली संपत्तियों पर कर लगाने के लिए भी अधिकृत है।

आखिर क्या कारण है कि खुदागंज नगर पंचायत को नगर  पंचायत का दर्जा मिले 25 वर्ष हो चुके हैं। लेकिन खुदागंज नगर पंचायत  मैं ना तो कोई बढ़िया सुविधा जनक हॉस्पिटल है। ना ही कोई रेल सुविधा तथा यात्रियों के लिए ना तो कोई बस अड्डा है। 

खुदागंज नगर मे दिल्ली,बरेली आदि जिलों से बस से आती हैं लेकिन न   कोई भरपूर बसें है और यात्रियों को बहुत ही  मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। खुदागंज की सड़कों की बात की जाए तो खुदागंज की सड़कें की हालत जर्जर बनी हुई है। लेकिन सत्ता के लालच में आकर विधायक सांसद कस्बे से लेकर गांव तक चले आते हैं।

और बहुत बड़े-बड़े वादे करते हैं लेकिन जब सत्ता में आ जाते हैं तो सारे वादे भूल जाते हैं। कुछ दिन पहले उत्तर प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने एक अभियान चलाया था। जोकि पूरी यूपी को गड्ढा मुक्त बनाने का प्रण लिया था। लेकिन उत्तर प्रदेश की सड़कों की हालत देखी जाए तो बिल्कुल जर्जर बनी हुई है।


वहीं खुदागंज से फरीदपुर की  सड़कों की बात की  जाए तो ग्रामीणों व अन्य बड़े बहानो को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है

रिपोर्ट उर्वेश सिंह

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