अब उज्जैन के भगवान महाकाल से जुड़ा एक मामला पहुंचा HC

अब उज्जैन के भगवान महाकाल से जुड़ा एक मामला पहुंचा HC

उत्तर प्रदेश :- ओडिशा में कोरोना काल मे रथयात्रा पर विवाद के बाद अब मध्य प्रदेश के उज्जैन में सावन में निकलने वाली बाबा महाकाल की सवारी के मार्ग में परिवर्तन का विरोध शुरू हो गया है। सवारी मार्ग में परिवर्तन और उसको छोटा करने पर हाइ कोर्ट में याचिका दायर की गई है, जिस

उत्तर प्रदेश :- ओडिशा में कोरोना काल मे रथयात्रा पर विवाद के बाद अब मध्य प्रदेश के उज्जैन में सावन में निकलने वाली बाबा महाकाल की सवारी के मार्ग में परिवर्तन का विरोध शुरू हो गया है। सवारी मार्ग में परिवर्तन और उसको छोटा करने पर हाइ कोर्ट में याचिका दायर की गई है, जिस पर सोमवार को सुनवाई होगी।

प्रशासन के मार्ग को छोटा करने के निर्णय के विरोध में जयंत गरुड़ नाम के शख्स ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की है. याचिकाकर्ता के अनुसार उज्जैन जिला प्रशासन द्वारा सावन माह में निकलने वाली सवारी मार्ग में किये गए बदलाव से श्रद्धालुओं की जनभावना पर गहरी चोट लगेगी।

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याचिकाकर्ता ने सवारी मार्ग को बदलने के फैसले को परंपरा के साथ खिलवाड़ बताया है. जयंत गरुड़ ने कोरोना से बचाव के लिए प्रशासन को सवारी मार्ग में पुख्ता इंतजाम करने की सलाह दी। याचिकाकर्ता ने कहा कि जिला प्रशासन को भगवान महाकाल के सवारी मार्ग को बदलने का अधिकार नहीं है।

महामंडलेश्वर आचार्य शेखर के अनुसार मार्ग बदलने से शहर पर संकट आ सकता है. उन्होंने कहा कि बाबा महाकाल की परंपरा सैकड़ों वर्षो से चली आई है कि वह नगर भ्रमण के लिए निकलते हैं।

और अपने भक्तों को दर्शन देते हैं. ऐसे में उनका जो रास्ता परिवर्तन का इन्होंने निर्णय लिया है वह नहीं होना चाहिए. परंपरागत हिसाब से ही उनकी सवारी निकलना चाहिए और जो परंपरा है, उनको बनाए रखना चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रशासन को धारा 144 लगाकर भगवान की सवारी महाकाल की परंपरागत रास्ते से निकालना चाहिए क्योंकि बाबा महाकाल अपनी जनता को दर्शन देने आते हैं। उससे महामारी का विनाश होगा और प्रशासन की व्यवस्था भी सुधरेगी. वहीं नए सवारी मार्ग में गोपाल मंदिर शामिल नहीं है।

जहां हरि और हर का मिलन होता है। सवारी मार्ग बदलने से हरि हर मिलन की प्राचीन परंपरा का निर्वाह नहीं हो सकेगा। परंपरागत रूप से सवारी को निकाला जाना चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता है तो हमें विकट समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

रिपोर्ट अमित कुमार श्रीवास्तव

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