धूमधाम के साथ निकाली गई मुड़िया संत शोभा यात्रा

धूमधाम के साथ निकाली गई मुड़िया संत शोभा यात्रा

गोवर्धन :- वी ओ,हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी गुरु पूर्णिमा महोत्सव के मौके पर मुड़िया संतो ने सैकड़ों वर्षो से चली आ रही परंपरा के अंतर्गत मुड़िया शोभायात्रा निकाली.गोवर्धन चकलेश्वर स्थित सनातन गोस्वामी की समाधि स्थल से शुरू हुई मुड़िया संतों की शोभा यात्रा पूरे कस्बे में ढोल मृदंग के साथ धूमधाम के

गोवर्धन :- वी ओ,हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी गुरु पूर्णिमा महोत्सव के मौके पर मुड़िया संतो ने सैकड़ों वर्षो से चली आ रही परंपरा के अंतर्गत मुड़िया शोभायात्रा निकाली.गोवर्धन चकलेश्वर स्थित सनातन गोस्वामी की समाधि स्थल से शुरू हुई मुड़िया संतों की शोभा यात्रा पूरे कस्बे में ढोल मृदंग के साथ धूमधाम के साथ निकाली गई।

आपको बता दें कि 463 वर्ष से यह परंपरा निरंतर जारी है। गुरु पूर्णिमा के दिन सभी मुड़िया संत अपने सिर मुड़वा कर अपने गुरु सनातन गोस्वामी पाद की याद में पूरे कस्बे में शोभायात्रा निकालते हैं। गौड़ीय संप्रदाय के अनुयाई सनातन गोस्वामी पाद महाराज हर रोज गोवर्धन मानसी गंगा की परिक्रमा लगाया करते थे।

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लेकिन जब उन्होंने देह त्याग किया तो उनकी याद में उनके हजारों शिष्यों ने अपने सिर मुड़वा कर पूरे कस्बे में उनके पार्थिव शरीर के साथ यात्रा निकाली। तभी से लेकर यह परंपरा निरंतर चली आ रही है। और गुरु पूर्णिमा के ही दिन मुड़िया संत अपने गुरु की याद में सिर मुड़वा कर उसी परंपरा का निर्वहन करते हैं।

लेकिन इस बार कोरोनावायरस संक्रमण को देखते हुए प्रशासन ने गोवर्धन का राजकीय गुरु पूर्णिमा मेले का आयोजन रद्द कर दिया था। इस बार सभी लोगों से अपील की गई थी कि वह गोवर्धन परिक्रमा करने न आए। जिससे संक्रमण के खतरे को टाला जा सके।

इसी को देखते हुए इस बार गोवर्धन गुरु पूर्णिमा मेले में श्रद्धालुओं का आगमन नहीं हो सका। और यही कारण रहा कि गोवर्धन में निकाली गई मुड़िया संतों की शोभायात्रा में भी शिष्यों की संख्या कम रही। क्योंकि हर वर्ष सनातन गोस्वामी के शिष्य कई देशों से यहां पर कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आते हैं।

रिपोर्ट धर्मेंद्र सिंह

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