मौरंग की जगह डस्ट का प्रयोग,क्षेत्रवासियों में रोष

मौरंग की जगह डस्ट का प्रयोग,क्षेत्रवासियों में रोष

शुक्लागंज। नगर पालिका क्षेत्र के पोनी रोड निशा पैलेस के सामने वाली गली गांधी नगर में नाली की रिपेयरिंग कार्य चल रहा है। जिसमें जमकर भ्र्ष्टाचार हो रहा है। बनाई गई नालियां मानक के विपरीत ही बनाया जा रहा है। साथ ही मौरंग के स्थान पर डस्ट का इस्तेमाल किया जा रहा है।उन्नाव जिले के

शुक्लागंज। नगर पालिका क्षेत्र के पोनी रोड निशा पैलेस के सामने वाली गली गांधी नगर में नाली की रिपेयरिंग कार्य चल रहा है। जिसमें जमकर भ्र्ष्टाचार हो रहा है। बनाई गई नालियां मानक के विपरीत ही बनाया जा रहा है।

साथ ही मौरंग के स्थान पर डस्ट का इस्तेमाल किया जा रहा है।उन्नाव जिले के गंगाघाट नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड 12 में नालियों की मरम्मत का कार्य कराया जा रहा है। लेकिन नाली को मानक के अनुसार नही बनाई जा रही है। खुलेआम ठेकेदार द्वारा डस्ट का इस्तेमाल किया जा रहा है।

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जिससे क्षेत्रवासीयों में रोष व्याप्त है। कहीं ना कहीं क्षेत्र के लोग डर के मारे हो रहे भ्रष्टाचार के विरुद्ध आवाज नही उठा रहे है। इस दौरान क्षेत्र वासियों ने फोन पर अमर भारती के संवाददाता को नाले की निर्माण में हो रहे डस्ट की प्रयोग होने की जानकारी दी है। क्षेत्र के कई लोगो ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ठेकेदार अपने मन मुताबिक काम कर रहे हैं।

नालियों में नियमतः गुणवत्तायुक्त कार्य नहीं किया जा रहा है इस दौरान क्षेत्रीय लोगो ने बताया कि नाली निर्माण कार्य व मरम्मत कार्य में ठेकेदार ने भारी गड़बड़ी की है। बताया कि इस मरम्मत के कार्य में मौरंग के स्थान पर डस्ट का प्रयोग किया गया है। जिस कारण यह नाली की गुणवत्ता अच्छी नहीं होगी।

लोगो ने फोन पर बताया कि नालियों में गिट्टी के स्थान पर समूचा ईटा ही लगाया जा रहे हैं गिट्टी अनामत डाली जा रही हैं। दिखावे के तौर पर गिट्टी मंगाई गई हैं।नगर पालिका की अनदेखी के चलते वार्ड 12 में घटिया सामग्री से मरमत कार्य ठेकेदार द्वारा कराया जा रहा है। गुणवत्ता विहीन होने के चलते नाली बनते ही टूट सकती है। जिसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से करने की बात कही गई है।


नगर के कई मोहल्लों में नाली मरम्मत में ठेकेदारों द्वारा मोरंग के स्थान पर डस्ट का प्रयोग किया जा रहा है। साथ ही सीमेंट भी मानक के अनुरूप नहीं मिलाया जा रहा है।

घटिया सामग्री का प्रयोग किए जाने से नाली नालियां ज्यादा दिन तक नहीं चल सकती हैं। लेकिन नाली मरमत में महज खानापूर्ति की जा रही है। घटिया सामग्री से हो रहे निर्माण में नगरपालिका की भारी लापरवाही होना प्रतीत होता है। आखिर जनता के साथ छलावा क्यो किया जा रहा है। शायद किसी अधिकारी के पास जवाब नही है।

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