लोगों ने अपने घरों में रहकर सादगी से मनाया रबी-उल-अव्वल का त्योहार

लोगों ने अपने घरों में रहकर सादगी से मनाया रबी-उल-अव्वल का त्योहार

रूपईडीहा(बहराइच)। रूपईडीहा थाना क्षेत्र में बारह रबी-उल-अव्वल 30 अक्टूबर शुक्रवार को मनाया जा रहा है। मौलानाओं ने कोरोना संक्रमण की वजह से इसे पिछले त्योहारों की तरह बेहद सादगी से मनाने का आह्वान किया है। रूपईडीहा जामा मस्जिद के पेश इमाम हाफिज कशीद ने कहा कि पैगम्बर मोहम्मद साहब की याद में मनाए जाने वाले

रूपईडीहा(बहराइच)। रूपईडीहा थाना क्षेत्र में बारह रबी-उल-अव्वल 30 अक्टूबर शुक्रवार को मनाया जा रहा है। मौलानाओं ने कोरोना संक्रमण की वजह से इसे पिछले त्योहारों की तरह बेहद सादगी से मनाने का आह्वान किया है। रूपईडीहा जामा मस्जिद के पेश इमाम हाफिज कशीद ने कहा कि पैगम्बर मोहम्मद साहब की याद में मनाए जाने वाले इस खास दिन पर हर साल बड़े पैमाने पर धार्मिक आयोजनों के साथ जुलूस निकाले जाते रहे हैं, लेकिन कोरोना महामारी को देखते हुए मुसलमानों से आयोजनों की रकम गरीबों की शिक्षा और सेवा में खर्च कर बड़े सादगी से त्योहार मनाने की अपील की जा रही है। पौधरोपण करने की अपील करते हुए हाफिज कशीद ने कहा कि पैगम्बर ए इस्लाम का संदेश था कि जिस किसी ने एक पौधा भी लगाया और उस पौधे से इंसान और जानवर दोनों फायदा उठाते रहेंगे तो उसका सवाब पेड़ लगाने वाले को मिलता रहेगा। रूपईडीहा के हाजी अब्दुल माजिद कहते है कि बारह रबी-उल-अव्वल के मुबारक मौके पर अल्लाह ने अपने पैगम्बर को पूरे आलम की रहनुमाई के लिए दुनिया में भेजा था। इस मौके पर जो पैगम्बर-ए-इस्लाम का शिक्षा, इंसानियत और आपसी भाईचारे का पैगाम है, उसे आम करना चाहिए और मुल्क की तरक्की और हिफाजत को लेकर कोरोना जैसी महामारी को खत्म होने के लिए दुआ करनी चाहिए। क्षेत्र के लोंगो ने अपने घरों में रहकर सादगी से मनाया त्योहार और अपने परिवार में उनकी सीरत का जिक्र किया।

रिपोर्ट :- रईस

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