जब परिवार वालों ने भी छोड़ा साथ तो कोरोना संक्रमित को एंबुलेंसकर्मियों ने दिया सहारा

जब परिवार वालों ने भी छोड़ा साथ तो कोरोना संक्रमित को एंबुलेंसकर्मियों ने दिया सहारा

आजमगढ़- ऐसा माना जाता है कि रिश्ते-नाते और पड़ोसियों की पहचान बुरे वक्त पर ही होती है। जब वह जरूरत पड़ने पर पीछे हट जाते हों तो उनके लिए कौन मददगार बन सकता है। शुक्र है एम्बुलेंसकर्मियों का जिन्होंने बिना किसी डर के पीड़ित व्यक्ति को न सिर्फ सम्मान के साथ एम्बुलेंस पर चढ़ाया बल्कि

आजमगढ़- ऐसा माना जाता है कि रिश्ते-नाते और पड़ोसियों की पहचान बुरे वक्त पर ही होती है। जब वह जरूरत पड़ने पर पीछे हट जाते हों तो उनके लिए कौन मददगार बन सकता है। शुक्र है एम्बुलेंसकर्मियों का जिन्होंने बिना किसी डर के पीड़ित व्यक्ति को न सिर्फ सम्मान के साथ एम्बुलेंस पर चढ़ाया बल्कि उसे कोविड हॉस्पिटल में भर्ती कराकर अपनी पूरी जिम्मेदारी निभाई।

108 और 102 एम्बुलेंस के जिला प्रभारी अजय राय ने बताया कि यह दो दिवस पूर्व की है जब उनके पास कोविड कंट्रोल रूम से फोन आया। उन्हें बताया गया कि डीएम आवास के पीछे स्थित एक मोहल्ले से लेकर एक कोविड उपचाराधीन को मंडलीय जिला चिकित्सालय स्थित कोविड सेंटर में भर्ती कराना है। इस पर उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पल्हनी में मौजूद 108 एम्बुलेंस के इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (ईएमटी) रवि कुमार तथा पायलट मोहन चौरसिया को तत्काल मौके पर पहुंचने का निर्देश दिया। दोनों गंतव्य के लिए रवाना हो गए और कुछ देर बाद ही मौके पर पहुंच गए। ब्लॉक पलहानी 45 वर्षीय सुनील कुमार को सांस लेने में काफी दिक्कत हो रही थी। उनके कोविड उपचाराधीन होने के बाद से उस परिवार के लोग उस घर से गायब हो चुके थे, इसलिए उन्हें एम्बुलेंस में चढ़ाने के लिए सहयोग करने को कोई नहीं मिला। हालांकि पड़ोस के लोग मौके पर मौजूद थे| लेकिन वह वीडियो बनाने में मशगूल थे । इसके ईएमटी रवि कुमार और पायलट मोहन चौरसिया ने उन्हें सम्मान के साथ एम्बुलेंस में चढ़ाया और मंडलीय जिला चिकित्सालय के कोविड सेंटर में लाकर भर्ती कराया। वहां पर उनका उपचार शुरू होने के बाद वह लौटे।

अजय राय ने बताया कि जिले में 108 सेवा की 51 एम्बुलेंस है जिसमें कोविड उपचारधीन मरीजों के लिए 26 एम्बुलेंस की सेवा दी जा रही है | जिले में दो एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट (एएलएस) में से एक को कोविड-19 के लिए तैनात किया गया है । मार्च 2021 से अब तक 500 सौ से अधिक कोविड मरीजों को सेवा दी गई है |

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एम्बुलेंस सेवा के नोडल अधिकारी एवं एसीएमओ डॉ वाईके राय बताते हैं कि एम्बुलेंस के ईएमटी और पायलट कभी भी अपनी जिम्मेदारियों से कभी पीछे नहीं हटते हैं। वह हमेशा कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हैं, इसलिए उन्हें कोविड से प्रभावित होने का डर नहीं लगता। इसके लिए उन्हें प्रशिक्षण दिया गया है और सभी एम्बुलेंस कर्मी अपना कर्तव्य पूरी निष्ठा के साथ निभा रहें है | एम्बुलेंस कर्मियों के 24 घंटे की सेवा की वजह से ही कई कोविड उपराचाधीन गंभीर मरीजों को ऑक्सीज़न व अस्पताल में भर्ती कराने से जान बचाई गयी है |

रिपोर्ट :- शैलेंद्र शर्मा

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