सत्याग्रह पर बैठी नर्सों ने कहा हम चोर नहीं हैं

सत्याग्रह पर बैठी नर्सों ने कहा हम चोर नहीं हैं

कानपुर : कहा जाता है कि जिसकी लाठी में दम होता है सत्ता उसी की होती है। अक्सर देखा भी गया है कि जिम्मेदार अधिकारी से जब कोई गलती होती है तो अपनी गलती का ठीकरा अपने से छोटे लोगों को जिम्मेदार बताकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं। ऐसा ही मामला संज्ञान में आया है

कानपुर :  कहा जाता है कि जिसकी लाठी में दम होता है सत्ता उसी की होती है। अक्सर देखा भी गया है कि जिम्मेदार अधिकारी से जब कोई गलती होती है तो अपनी गलती का ठीकरा अपने से छोटे लोगों को जिम्मेदार बताकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं। ऐसा ही मामला संज्ञान में आया है कानपुर से जहां लाला लाजपत राय चिकित्सालय में कार्यरत नर्सों को इंजेक्शन की चोरी का आरोप लगाकर ड्यूटी से निकाल दिया गया। जिससे आहत होकर नर्सो सत्याग्रह आंदोलन पर बैठ गई। आपको बता दें कि नर्सों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर न्याय की गुहार लगाई है।

मीडिया से वार्तालाप करते हुए सत्याग्रह पर बैठी नर्सों ने बताया कि समाचार पत्र में इंजेक्शन चोरी की जो बात दर्शाई गई थी उससे उनका कोई लेना-देना नहीं। क्योंकि वह बहुत ही निचले स्तर पर कार्यरत हैं और उनकी देखरेख में इंजेक्शन का कार्य नहीं आता था।

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क्या अपने को बचाने के लिए नर्सों को बनाया निशाना

मीडिया से वार्तालाप के दौरान धरना स्थल पर बैठी नर्सों ने जो आरोप लगाया है उससे तो यही साबित होता है कि अस्पताल प्रबंधन के कुछ चर्चित लोगों ने अपने को बचाने के चक्कर में नर्सों पर कार्यवाही कर दी। अगर धरने पर बैठी नर्सों के हिसाब से देखा जाए तो अपने को बचाने के लिए उन पर ठीकरा फोड़ा गया है। अब देखना यह होगा कि जिलाधिकारी आखिर इस मामले को लेकर क्या कदम उठाते हैं।

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