कानपुर मेट्रो : मेट्रो स्टेशन से एक्सलेटर्स लगाने की शुरूआत; ‘मेक इन इंडिया’ होंगे लिफ़्ट्स और एक्सलेटर्स

कानपुर मेट्रो : मेट्रो स्टेशन से एक्सलेटर्स लगाने की शुरूआत; ‘मेक इन इंडिया’ होंगे लिफ़्ट्स और एक्सलेटर्स

कानपुर मेट्रो परियोजना के अंतर्गत आईआईटी से मोतीझील के बीच बन रहे प्रयॉरिटी कॉरिडोर के स्टेशनों पर एक्सलेटर्स (स्वचालित सीढ़ियाँ) और लिफ़्ट्स लगाने का काम शुरू हो गया है। कल आईआईटी मेट्रो स्टेशन के पहले तल (कॉनकोर्स) पर पहला एस्कलेटर लगाया गया, जबकि लिफ़्ट्स लगाने का काम पहले ही शुरू किया जा चुका है। बता

कानपुर मेट्रो परियोजना के अंतर्गत आईआईटी से मोतीझील के बीच बन रहे प्रयॉरिटी कॉरिडोर के स्टेशनों पर एक्सलेटर्स (स्वचालित सीढ़ियाँ) और लिफ़्ट्स लगाने का काम शुरू हो गया है। कल आईआईटी मेट्रो स्टेशन के पहले तल (कॉनकोर्स) पर पहला एस्कलेटर लगाया गया, जबकि लिफ़्ट्स लगाने का काम पहले ही शुरू किया जा चुका है। बता दें कि कानपुर मेट्रो परियोजना में लगने वाले ये लिफ़्ट्स और एक्सलेटर्स पूरी तरह से ‘मेक इन इंडिया’ हैं और इन्हें चेन्नई में तैयार किया जा रहा है।
इन फ़ीचर्स से लैस होंगे ये एक्सलेटर्स:

  1. ऊर्जा बचाने के लिए इन एस्कलेटर्स में ‘क्रॉलिंग मोड’ होगा, यानी जब कोई भी यात्री एस्कलेटर्स का उपयोग न कर रहा हो तो ऐसी स्थिति में एस्कलेटर्स की गति अपने आप धीमी हो जाएगी। सामान्यतः यात्रियों के साथ इन एस्कलेटर्स की गति 0.5 मीटर/सेकंड होती है, जबकि क्रॉलिंग मोड में इनकी गति 0.2 मीटर/सेकंड हो जाती है।
  2. यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इनमें 3 ‘इमरजेंसी स्टॉप’ बटन भी उपलब्ध होंगे। आपात स्थिति में यात्री स्वयं ही इन बटन्स का इस्तेमाल करके एक्सलेटर्स को तत्काल रोक भी सकते हैं। ये तीन बटन, एस्कलेटर के सबसे ऊपरी, मध्य और निचले हिस्से में होंगे।
  3. यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनज़र इन एस्कलेटर्स में रिमोट मॉनिटरिंग ऐंड कंट्रोल सिस्टम भी लगा है। एस्कलेटर ऑपरेशन को स्टेशन में बने स्टेशन कंट्रोल रूम से ही नियंत्रित किया जा सकता है। अगर इनमें किसी तरह की दिक़्क़त आती है तो कंट्रोल सिस्टम की मदद से स्टेशन कंट्रोलर को इसकी तत्काल सूचना मिल जाएगी।

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