प्रत्याशी की संवेदनशीलता देखकर शिक्षक समूह में हर्ष की लहर

प्रत्याशी की संवेदनशीलता देखकर शिक्षक समूह में हर्ष की लहर

गोंडा:- डॉ राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय संबद्ध महाविद्यालय शिक्षक संघ के चुनाव से उच्च शिक्षा जगत का माहौल गरमा गया है। कोविड-19 और अन्य कई परीक्षाओं के चलते यह चुनाव लगातार तीन चार बार से स्थगित हो रहा है सबसे ज्यादा समस्या इस बार के चुनाव में चुनाव स्थल को लेकर रही है शिक्षकों

गोंडा:- डॉ राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय संबद्ध महाविद्यालय शिक्षक संघ के चुनाव से उच्च शिक्षा जगत का माहौल गरमा गया है। कोविड-19 और अन्य कई परीक्षाओं के चलते यह चुनाव लगातार तीन चार बार से स्थगित हो रहा है सबसे ज्यादा समस्या इस बार के चुनाव में चुनाव स्थल को लेकर रही है शिक्षकों की व्यापक मांग पर कार्यकारिणी ने एक ठोस निर्णय लेकर घोषित कर दिया इस बार का चुनाव 1 सितंबर 2021 को के यन आई सुल्तानपुर में कराया जाएगा । भ्रम की स्थिति हटते ही प्रत्याशियों में चुनाव को लेकर अपने विचार मतदाताओं तक पहुंचाने में होड़ लगी हुई है। तरह-तरह के शिक्षक हित के दावे किए जा रहे हैं। इसी क्रम में महामंत्री पद के प्रत्याशी श्री लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज गोंडा के मुख्य नियंता एवं भौतिक विज्ञान विभाग के अध्यक्ष तथा स्व वित्त पोषित पाठ्यक्रमों के नोडल अधिकारी तथा एनएसएस के जनपद के नोडल अधिकारी तथा जनपदीय महाविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष जैसे पदों पर कुशलता पूर्वक कार्य करने वाले डॉक्टर जितेंद्र सिंह जी भी मैदान में कूदना पड़ा। लगभग 30 वर्षों से शिक्षक हितों की लड़ाई लड़ते हुए कभी भी किसी पद की कामना न करने वाले डॉक्टर जितेन्द्र सिंह शिक्षकों के व्यापक मांग और दबाव में महामंत्री पद के प्रत्याशी बनकर एक नया इतिहास रच दिया। कई शिक्षक समुदायों के व्यापक समर्थन के कारण अन्य प्रत्याशियों के सामने गंभीर चुनौती खड़ी हो गई है। डॉ जितेंद्र सिंह ने चुनाव में स्थल पर जोड़ना देकर संघ के मूल संविधान का समादर करते हुए यह निर्णय लिया कि चक्रानुक्रम में जिस भी महाविद्यालय के द्वारा संघ को चुनाव के लिए आमंत्रित किया जाए वहां पर चुनाव प्रसन्नता के साथ संपन्न कराया जाना चाहिए। इस बार यदि शिक्षकों ने मुझे महामंत्री पद का दायित्व दिया तो मैं अपनी प्रथम बैठक में ही शिक्षक संघ भवन को आगामी चुनाव स्थल और आगामी चुनावी तिथि की घोषणा करूंगा। इसी क्रम में आगे अन्य महाविद्यालयों में भी चुनाव पूर्ववत संपन्न कराए जाएंगे। पदाधिकारी बनने के पूर्व ही पहले कि भाँति डॉ जितेन्द्र सिंह ने नए साथियों की समस्याओं से अवगत होकर उसे संपन्न कराने का बीड़ा उठा लिया। सर्वप्रथम उन्होंने नए शिक्षक साथियों को विश्वविद्यालय की वरिष्ठता सूची में सम्मिलित कराने का सफलतम उपक्रम किया। तथा कल 12 अगस्त को लखनऊ स्थित क्षेत्रीय उच्च शिक्षा निदेशालय में जाकर उच्च शिक्षा अधिकारी से मिलकर उन्हें ज्ञापन दिया ।जिसके अंतर्गत अवध विश्वविद्यालय के संबद्ध महाविद्यालयों में कार्यरत नए शिक्षक साथियों की एनपीएस से संबंधित समस्याएं थी। नवनियुक्त प्राध्यापकों के वेतन से प्रतिमाह 10% एनपीएस कटौती की जा रही है एवं 14% शासन द्वारा भी जमा किया जाना है परंतु उनके प्रान( PRAN) खाते में एनपीएस कटौती धनराशि विगत वर्षों से जमा हो रही है लेकिन सीआरए द्वारा प्रार्थी मेल में शिक्षकों की धनराशि शून्य दर्शाई जा रही है। क्षेत्रीय अधिकारी महोदय ने ज्ञापन लेकर के आश्वस्त किया कि इसी माह प्राध्यापकों के इस समस्या का समाधान कर दिया जाएगा। इस खबर के मिलते ही अवध विश्वविद्यालय संबद्ध महाविद्यालयों में नए प्राध्यापक साथियों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी है और जितेन्द्र सिंह को चुनाव के पूर्व भारी बहुमत का सामना करना पड़ रहा है।

रिपोर्ट राहुल तिवारी

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