जेल में बंद भाइयों की कलाई पर बहनों ने बांधी राखी, जेल प्रशासन की अनुमति से बहनों में खुशी

जेल में बंद भाइयों की कलाई पर बहनों ने बांधी राखी, जेल प्रशासन की अनुमति से बहनों में खुशी

उरई(जालौन)। जिले में कोरोना संक्रमण के चलते भाई-बहन के बीच पवित्र रिश्ते के त्योहार रक्षाबंधन पर इस बार जेल प्रशासन द्वारा विशेष सुविधा के साथ जेल में बंद भाइयों की कलाई पर बहनों को राखी बांधने की अनुमति दे दी है। परंतु कोरोना संक्रमण को देखते हुए जेल में प्रवेश से पहले उन्हें कोरोना निगेटिव

उरई(जालौन)। जिले में कोरोना संक्रमण के चलते भाई-बहन के बीच पवित्र रिश्ते के त्योहार रक्षाबंधन पर इस बार जेल प्रशासन द्वारा विशेष सुविधा के साथ जेल में बंद भाइयों की कलाई पर बहनों को राखी बांधने की अनुमति दे दी है। परंतु कोरोना संक्रमण को देखते हुए जेल में प्रवेश से पहले उन्हें कोरोना निगेटिव की रिपोर्ट दिखानी पढ़ रही है । जिसके बाद वे जेल में राखी बांधने के लिए अपने भाई के पास जा सकी। जिला कारागार जेल में भी सुरक्षा के बेहतर इंतजाम किए गए। भाइयों के हाथ में राखी बांधने को सुबह से ही बहनों का आना शुरू हो गया। बहनों को किसी तरह की दिक्कत न हो इसके लिए जेल प्रशासन ने तीन पाली में मिलाई पर्ची की व्यवस्था है।

बता दें कि कोरोना संक्रमण के कारण 20 मार्च 2020 से जेल में बंदियों की स्वजन से मुलाकात बंद करा दी गई थी। पीसीओ से उन्हें फोन करने का मौका दिया जाता था। 16 अगस्त से शासन के निर्देश पर जेल में मुलाकात शुरू हो गई। मगर, मुलाकात से पहले बंदियों के स्वजन को तीन दिन पहले तक की आरटीपीसीआर रिपोर्ट दिखानी पड़ रही है। मुलाकात बंद होने के कारण पिछले वर्ष रक्षाबंधन पर बहनें जेल में बंद भाइयों की कलाई पर राखी नहीं बांध सकी थीं। इस बार बहनों को राखी बांधने का मौका दिया जा रहा है।

जिला जेल के जेलर सुनीत कुमार ने बताया कि रक्षाबंधन पर जेल में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। जिले से भी पुलिस फोर्स की ड्यूटी लगाई गई है। जेल से पहले बैरियर पर ही मुलाकात को आने वाली महिलाओं की त्यौहार की वजह से आरटीपीसीआर रिपोर्ट चेक नही की गई। इस दौरान बहनों ने भाइयों के हाथों में राखी बांधकर खुशी जाहिर की है। इस मौके पर राहुल कुमार विक्की पवार पीएससी डीएस यादव हाशिम अली कंप्यूटर कक्षा से सानू संतोष आदि।

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  • रिपोर्ट ::- पुष्पेंद्र सिंह

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