मनरेगा के अंतर्गत अपना खेत अपना काम से किसानो को लाभ

मनरेगा के अंतर्गत अपना खेत अपना काम से किसानो को लाभ

सिरोही (मध्य प्रदेश):- महात्मा गांधी नरेगा योजना, मनरेगा, के अंतर्गत “अपना खेत अपना काम” में अनुसूचित जाति एवं बीपीएल व्यक्ति जिनके पास स्वयं की कृषि भूमि है उनके काम स्वीकृत किया जाएगा। एसे लोगों को रोजगार देना तथा उनकी जीवन स्तर में सुधार करके उनकों आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की बात कि गई है।

सिरोही (मध्य प्रदेश):- महात्मा गांधी नरेगा योजना, मनरेगा, के अंतर्गत “अपना खेत अपना काम” में अनुसूचित जाति एवं बीपीएल व्यक्ति जिनके पास स्वयं की कृषि भूमि है उनके काम स्वीकृत किया जाएगा। एसे लोगों को रोजगार देना तथा उनकी जीवन स्तर में सुधार करके उनकों आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की बात कि गई है।

कैटगरी-4 में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं बीपीएल काश्तगारों के खेत पर काम करने को स्वीकृति किया गया है। भूमी की समतलीकरण, मेड़बन्दी, वृक्षारोपण, बागवानी, सब्जी लगाना, फलदार पौघे, फाॅर्म पोण्ड, वर्मी कम्पोस्ट, पशु आश्रय आदि के कार्यों को स्वीकृत किया जाता है।  

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जिला सिरोही में पर्याप्त वर्षा होती है। इस कारण सिंचाई हेतु पानी की उपलब्धता भी रहती है। जिले की मिट्टी उच्च गुणवत्तापूर्ण एवं वातावरण अनुकूल है। उक्त गतिविधियों यहां सफलतापूर्वक संचालित हो सकती है। इस पहलु को ध्यान में रखते हुए जिला कलक्टर एवं जिला कार्यक्रम समन्वयक भगवती प्रसाद ने मिशन चलाया। मिशन में वित्तीय वर्ष 2020-21 में 1798 कार्यों को स्वीकृत किया। यह कार्य पिछले वर्षों की तुलना में सर्वाधिक है। यह सभी कार्य प्रगतिरत है एवं ग्रामीण काश्तकारों के जीवन में खुशहाली ला रहे है।

मुख्य कार्यकारी अधिकारी भागीरथ बिश्नोई ने इस कार्यक्रम की प्रतिदिवस प्रभावी माॅनीटरिंग समस्त पंचायत समितियों के कार्यक्रम अधिकारी से की। इससे ग्राम पंचायत के ग्राम रोजगार सहायक एवं कनिष्ठ तकनीकी सहायक तथा लाभार्थी के आपसी समन्वय से अधिकतर कार्योे को प्रारम्भ किया गया।

जिला कलक्टर की इस पहल से लाभार्थियों के जीवन स्तर में सुधार हो रहा है। लाभर्थियों को पोषण युक्त सब्जियाँ उपलब्ध हो रही है। वह आर्थिक रूप से सुदृढ होगें। बेहतर जीवन यापन करते हुए आजीविका में वृद्धि कर श्रेष्ठ जीविकोपार्जन कर पायेंगे। इस कोरोना महामारी के काल में ग्रामीणों को गाँव में ही रोजगार प्राप्त होने से उनका पलायन भी रूका है। तथा वे स्वावलंबी एवं आत्मनिर्भरता की ओर बढ रहे है।

रिपोर्ट :- हेमंत अग्रवाल

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