राजस्व विभाग के आर आई की रिश्वत लेते हुये खुली पोल

राजस्व विभाग के आर आई की रिश्वत लेते हुये खुली पोल

राजगढ़ :- विभाग वह सरकारी लाख दावा करे घूसखोरी कम करने का लेकिन विभाग के कुछ महानुभावों की दया से भ्रष्टाचार कम होने का नाम नहीं ले रहा। मामला मध्यप्रदेश के राजगढ़ जनपद के खिलचीपुर तहसील का है। जहां जमीन बंटवारे का सीमांकन करने पहुंचे राजस्व विभाग के आर आई (गिरदावर)कन्हैयालाल फुलैरिया गांव में पटवारी

राजगढ़ :- विभाग वह सरकारी लाख दावा करे घूसखोरी कम करने का लेकिन विभाग के कुछ महानुभावों की दया से भ्रष्टाचार कम होने का नाम नहीं ले रहा। मामला मध्यप्रदेश के राजगढ़ जनपद के खिलचीपुर तहसील का है। जहां जमीन बंटवारे का सीमांकन करने पहुंचे राजस्व विभाग के आर आई (गिरदावर)कन्हैयालाल फुलैरिया गांव में पटवारी की जमीन का सीमांकन करने पहुंचे। सबसे बड़ी बात तो यह है कि खिलचीपुर तहसील के बरगोलिया के किसान प्रभुनाथ सिंह खींची जो कि चार भाई के बीच की जमीन के बटवारे के केस में सीमांकन पर आपत्ति लगा रखी थी।

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फिर भी आर आई किसान से पैसे हड़पने के लिए 26 नवंबर को किसान को बिना सूचना दिए। आपत्ति लगाने के बाद भी मौके पर पहुंच गए। और जमीन का सीमांकन करने लगे। किसान का कहना है कि जब हमने राजस्व वाक्य आर आई से कहा कि इस जमीन के सीमांकन करने पर हमने आपत्ति लगा रखी है। इसके बावजूद भी आप सीमांकन कर रहे हैं। यह सुनते ही राजस्व विभाग के आर आई ने कहा कि बिना पैसे दिए कुछ नहीं होता अगर तुम्हें सीमांकन रोकना है और जमीन बचानी है तो आपत्ति से क्या होता रुपए लगेंगे। किसान ने बताया कि हमने आर आई को 2500 रुपए रिश्वत दी इसके बाद भी उन्होंने कहा कि अगर जमीन बचानी है तो ₹10000 लगेंगे। अगर अब देश के अन्नदाता से उसकी ही जमीन बचाने के लिए रुपयों की मांग की जाने लगी तो फिर क्या होगा ।

आपको बता दें कि आर आई को पैसे देते वक्त किसान के बेटे ने इसका वीडियो बना लिया था।वीडियो बनाते हुए आर आई ने जब देखा तो उसने बेहूदा तरीके से अभद्रता करते हुए कहा कि अब अगर आप ₹10000 नहीं दोगे तो कोई भी कानूनी यहां नहीं चलेगा और जब किसान ने ₹10000 नहीं दे पाए। तो आर आई साहब आदेशों की धज्जियां उड़ाते हुए। 28 नवंबर को मौके पर आकर जमीन का सीमांकन कर गए।

रिपोर्ट : कमल चौहान

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