फरार आरोपी पुलिस के शिकंजे में

फरार आरोपी पुलिस के शिकंजे में

राजगढ़ (मध्य प्रदेश):- राजगढ़ जनपद खिलचीपुर क्षेत्र में विगत दिनांक 05 और 06/06/19 की दरमियानी रात मे फरियादी बृजमोहन गुप्ता, ने उनके निवास पर चोरी होने की सूचना खिलचीपुर थाने पहुंचकर दी। सूचना पर से थाने पर अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 215/19 धारा 457,380 भादवि का कायम कर विवेचना में लिया गया था।

राजगढ़ (मध्य प्रदेश):- राजगढ़ जनपद खिलचीपुर क्षेत्र में विगत दिनांक 05 और 06/06/19 की दरमियानी रात मे फरियादी बृजमोहन गुप्ता, ने उनके निवास पर चोरी होने की सूचना खिलचीपुर थाने पहुंचकर दी। सूचना पर से थाने पर अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 215/19 धारा 457,380 भादवि का कायम कर विवेचना में लिया गया था। घटना की सूचना लगते ही जिला पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा, ने जिले के विशेष दस्तों को मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए एवं स्वयं अपने दल बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे, घटना गंभीर प्रकृति की पाए जाने पर चोरी गए मशरूका एवं अज्ञात चोरों की पतारसी हेतु एसडीओपी खिलचीपुर एवं तत्कालीन थाना प्रभारी खिलचीपुर के नेतृत्व में जिले के विभिन्न थानों में पदस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों की एक विशेष टीम का गठन किया गया, पुलिस अधीक्षक राजगढ द्वारा आरोपीयो की पतारसी करने पर प्रत्येक आरोपी पर 10-10 हजार के नगद इनाम की घोषणा भी कर दी गई थी।
प्रकरण में विशेष प्रयास करते हुए जिला पुलिस अधीक्षक द्वारा गठित विशेष टीम ने हर संभव प्रयास कर तत्समय ही मामले में पतासाजी कर आरोपी राधेश्याम तंवर, निवासी ग्राम खुटीयाबे, थाना भोजपुर आरोपी शाहिद खाॅ, निवासी नाहरदा बडली थाना खिलचीपुर एवं बाबर खाॅ, निवासी नाहरदा बडली थाना खिलचीपुर को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 22 लाख 50 हजार नगद एवं 23 तोला सोने जैसी धातु के आभूषण जप्त करने में सफलता अर्जित की थी। वहीं वर्तमान थाना प्रभारी उप निरीक्षक मुकेश गौड़, एवं उनकी टीम ने प्रकरण में फरार अन्य आरोपीगणों की गिरफ्तारी कर लंबे समय से लंबित प्रकरण में नए सिरे से विवेचना एवं पतारसी के प्रयास कर बड़ी सफलता प्राप्त की है।
मामला कुछ इस प्रकार हुआ है, फरियादी चाय पत्ती व जर्दा का थोक व्यापारी है, तोपखाना गेट के पास उसका घर है एवं बस स्टैण्ड खिलचीपुर पर जर्दा व चायपत्ती की दुकान है। घटना दिनांक को फरियादी व उसकी पत्नी माया गुप्ता, खाना खाकर रात्रि करीबन एक बजे सो गये थे, तथा घर का चौकीदार पर्वत सौध्या, भी सो गया था। अचानक रात के करीबन ढाई बजे फरियादी की नींद खुली तो उन्होंने ठाकुरजी वाले कमरे का दरवाजा खुला देखा जिसमे फरियादी की तिजोरी व पैसे रखने की संदूक रखी थी। फरियादी द्वारा तिजोरी व संदूक मे देखा तो रूपये व जेवर नही थे, जिसकी सूचना फरियादी ने अपने दोस्त महेश, व परिजनो व पुलिस को दी।
मामले के फरार आरोपी की गिरफ्तारी हेतु जिले की सायबर सेल की टीम द्वारा कस्बा खिलचीपुर से प्राप्त सायबर डाटा का एनालसिस किया गया, वहीं पुलिस टीम ने आसपास के थाना क्षेत्र जीरापुर, माचलपुर, भोजपुर एवं राजस्थान के घाटोली एवं भालता, आदि के बदमाशो व संदिग्धो से पूछताछ की गई। टीम द्वार पिछले पांच साल से संपत्ति संबंधी अपराधो मे गिरफतार आरोपीयो से पृथक-पृथक पूछताछ कर घटना के संबंध मे जानकारी प्राप्त की गई।
मामले में पतारसी के दौरान ही थाना प्रभारी उपनिरीक्षक मुकेश गौड़, एवं उनकी पुलिस टीम को मुखविरो द्वारा सूचना प्राप्त हुई कि खिलचीपुर में चोरी के मामले में फरार आरोपी अपने गांव आए हुए हैं। वहीं पुलिस टीम ने देर न करते हुए तत्काल दबिश देने का प्लान बनाया एवं उक्त संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया गया।
पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में थाना खिलचीपुर की पुलिस टीम को एक बड़ी सफलता तब हाथ लगी नकबजनी के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी 1. जालम सिंह कंजर 2. मुनीम कंजर 3. रामपाल उर्फ रामकिशन कंजर 4. राकेश कंजर एवं 5. रतन कंजर सर्व निवासी नारायणपुरा थाना सदर जिला झालावाड़ राजस्थान आखिरकार पुलिस की गिरफ्त में आ ही गए।मामले में पहला सुराग संदेही राधेश्याम से प्राप्त हुआ था हिकमत अमली व बारीकी से पूछताछ करने पर राधेश्याम ने अपराध के संबंध मे परत दर परत खुलासा किया था। राधेश्याम, ने पूछताछ मे बताया कि मैने नारदा बडली के जाकिर, व बाबर, एवं सोमबारिया के शाहिद, के साथ मिलकर चोरी की घटना घटित की है, हमारे साथ ग्राम नारायणपुरा झालरा पाटन के कुछ कंजर भी इस घटना मे शामिल थे। राधेश्याम, जाकिर और बाबर की गिरफ्तारी होते ही मामले के अन्य आरोपी मौके से फरार हो गए थे। जो बामुश्किल अब पुलिस के हाथ लगे हैं।
जिला पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा, (भापुसे) के कुशल नेतृत्व में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एसआर दंडोतिया, एवं एसडीओपी खिलचीपुर सुश्री निशा रेड्डी, के सतत मार्गदर्शन मे विशेष अनुसधांन दल की जीतोड़ मेहनत की बदौलत चोरी गये माल के बटने के पूर्व ही चोरी करने वालो को पकड कर माल बरामद कर लिया गया था। वहीं राजस्थान पुलिस से सदर थाना प्रभारी बी एल मीणा, एवं उनकी पुलिस टीम के सहयोग से मामले के अन्य चार फरार आरोपियों को भी गिरफ्तार करने में सफलता अर्जित की गई है।
इस अभूतपूर्व सफलता में विशेष रूप से गठित अनुसंधान दल के अलावा फरार आरोपियों की गिरफ्तारी में निम्नलिखित का विशेष योगदान रहा:-थाना प्रभारी मुकेश गौड़, सहायक उपनिरीक्षक अशोक भगत, आरक्षक 268 मोइन अंसारी, आरक्षक भैरव सिंह, आरक्षक रवि जांगड़ा, एवं आरक्षक महेंद्र धाकड़।

रिपोर्टर कमल चौहान

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