अमरावती में बंधुआ बनाए गए आदिवासी मजदूरों और बच्चों को छुड़ाया गया

अमरावती में बंधुआ बनाए गए आदिवासी मजदूरों और बच्चों को छुड़ाया गया

बड़वानी। मध्यप्रदेश के बड़वानी जिला कलेक्टर के निर्देश पर गए संयुक्त दल ने महाराष्ट्र के अमरावती जिले में कथित तौर पर बंधक बनाए गए 14 आदिवासी दंपति और उनके 14 बच्चों को छुड़ा लिया है। जिला कलेक्टर शिवराज सिंह वर्मा को बड़वानी जिले के वरला थाना क्षेत्र के इनायकी ग्राम के लोगों ने शिकायत की

बड़वानी। मध्यप्रदेश के बड़वानी जिला कलेक्टर के निर्देश पर गए संयुक्त दल ने महाराष्ट्र के अमरावती जिले में कथित तौर पर बंधक बनाए गए 14 आदिवासी दंपति और उनके 14 बच्चों को छुड़ा लिया है।

जिला कलेक्टर शिवराज सिंह वर्मा को बड़वानी जिले के वरला थाना क्षेत्र के इनायकी ग्राम के लोगों ने शिकायत की थी कि 14 आदिवासी महिला पुरुष और उनके 14 बच्चे महाराष्ट्र के अमरावती जिले के इंदापुर थाना क्षेत्र के गिरनी में गन्ने की फसल की कटाई के लिए गए थे। उन्हें अब बंधक बनाकर अमानवीय तरीके से रखा जा रहा है और बिना खाना-पीना दिए 15 से 20 घंटे तक काम लिया जा रहा है। इसके अलावा महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार भी हो रहा है।

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वरला के थाना प्रभारी विमल तिवारी ने बताया कि इस पर जिला कलेक्टर ने संयुक्त टीम का गठन किया और तहसीलदार वरला जगदीश रंधावा और पुलिस बल घटनास्थल पर भेजा गया। टीम ने सभी मजदूरों और उनके बच्चों को बंधन मुक्त कराया और कल उन्हें बड़वानी जिले के वरला स्थित तहसील लाया गया। जहां से मजदूर अपने ग्रह ग्राम लौट गए।

उन्होंने बताया कि ग्रामीण दिलीप पावरा की शिकायत पर गन्ने के खेत के मालिक गजेंद्र दिसले और प्रताप के विरुद्ध विभिन्न धाराओं के तहत इंदापुर पुलिस थाने में प्रकरण भी दर्ज कराया गया है। उन्होंने बताया कि कुछ वर्षों में इस तरह के कुछ प्रकरण सामने आए हैं, जिसमें एडवांस राशि लेकर महाराष्ट्र, गुजरात गए मजदूरों को कथित तौर पर बंधक बना कर प्रताड़ित किया गया है।

वार्ता

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