दूसरी पत्नी को खुश रखने के लिए पिता ने अपने ही पुत्र को उतारा मौत के घाट

दूसरी पत्नी को खुश रखने के लिए पिता ने अपने ही पुत्र को उतारा मौत के घाट

राजगढ़ (मध्य प्रदेश):- राजगढ़ जनपद थाना ब्यावरा शहर 24 घंटे के अंदर पुलिस टीम ने किया हत्या का खुलासा 03 आरोपियों को किया गिरफ्तार।उल्लेखनीय है कि ब्यावरा शहर थाना क्षेत्रान्तर्गत ग्राम कोड़ियाखेड़ी मैं एक पिता ने बहुत ही वीभत्स घटना को अंजाम दिया है, जिसने अपनी दूसरी पत्नी को खुश रखने के लिए अपनी पहली

राजगढ़ (मध्य प्रदेश):- राजगढ़ जनपद थाना ब्यावरा शहर 24 घंटे के अंदर पुलिस टीम ने किया हत्या का खुलासा 03 आरोपियों को किया गिरफ्तार।
उल्लेखनीय है कि ब्यावरा शहर थाना क्षेत्रान्तर्गत ग्राम कोड़ियाखेड़ी मैं एक पिता ने बहुत ही वीभत्स घटना को अंजाम दिया है, जिसने अपनी दूसरी पत्नी को खुश रखने के लिए अपनी पहली पत्नी के बेटे की हत्या कर उसे जला डाला।
दिनांक 29/03/2021 को एक नाबालिक को जलाने की सूचना थाना पर प्राप्त हुई थी, सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल एक्टिव हो गई।
आपको बता दें कि मामला कुछ इस प्रकार है मृतक की असल मां ममताबाई लववंशी, निवासी गंगाहोनी ने दिनांक 30/03/21 को थाना पर आकर सूचना दी कि उसके पूर्व पति पर्वत सिंह लोधा, एवं उसकी दूसरी पत्नी जिसका नाम भी संयोग से ममता ही है।
पर्वत सिंह लोधा, और उसकी दूसरी पत्नी ममता लववंशी, ने मिलकर उसके पुत्र अरुण, उम्र 15 साल को मार कर जला दिया है।
और हत्या की बात को छुपा रहे हैं ब्यावरा पुलिस के द्वारा सूचना पर मर्ग क्रमांक 12/2021 धारा 174 जाफो का मामला पंजीबद्ध कर जांच में लिया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी राजपाल सिंह राठौर, द्वारा तत्काल जिले के वरिष्ठ आला अधिकारियों को अवगत कराया गया।
जिला पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा, एवं अनुविभागीय अधिकारी भारतेन्दु शर्मा, अनुभाग नरसिंहगढ़, एवं अतिरिक्त प्रभार अनुभाग ब्यावरा, द्वारा मामले में की जा रही जांच पर दिशा निर्देश दिए साथ ही जांच में तीव्रता लाकर आरोपी की धरपकड़ के निर्देश दिए गए।
ब्यावरा थाना प्रभारी राजपाल सिंह राठौर, एवं उनकी टीम ने वरिष्ठ अधिकारियों से दिशा निर्देश प्राप्त कर त्वरित कार्यवाही करते हुए मृतक के गांव कोड़ियाखेड़ी, पहुंच कर तफ्तीश शुरू कर दी राजगढ़ से फारेंसिक टीम एवं साइबर एक्सपर्ट बुलाकर घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कराया गया एवं घटनास्थल पर व आसपास के लोगों सहित पर्वत सिंह, के अन्य रिश्तेदारों से घटना के बारे में सघन पूछताछ की गई।
आपको बता दें कि विवेचना में आये छोटे-छोटे बिंदुओं एवं कड़ियों को जोड़कर पर्वत लववंशी, से पूछताछ की गई तो पाया गया कि पर्वत सिंह, ने 15 वर्ष पहले ममताबाई, निवासी गंगाहोनी, से विवाह किया था।
जिससे उसकी एक संतान अरुण हुई थी, पति-पत्नी में विवाद हो जाने से दोनों अलग अलग रहने लगे थे परंतु अरुण, अपने पिता पर्वत सिंह, के साथ ही रहता था।
कुछ समय बाद पर्वत सिंह, ने बिजावन की रहने वाली ममताबाई, से शादी कर ली थी जिससे उसके दो बच्चे आरती, उम्र 07 साल व अर्नव, उम्र 05 साल का हुआ।
जैसे जैसे बच्चे बड़े होने लगे अरुण, की सौतेली मां ममताबाई, की नजरों में पर्वत, का पहला लड़का अरुण, खटकने लगा।
अरुण, को लेकर दोनों पति पत्नी मैं अक्सर विवाद होने लगा।
पर्वत व अरुण की सौतेली मां ममताबाई, अरुण के साथ आए दिन मारपीट करते थे।
आपको बता दें कि परिवार से दूर करने के लिए पिछले साल अरुण, को हॉस्टल में भी रखा गया था।
कुछ समय पूर्व अरुण, के साथ मारपीट करके उसे पडोनिया के आश्रम में भी रहने के लिए छोड़ दिया गया था।
आपको बता दें कि कुछ दिन बाद आश्रम वालों के समझाने पर पर्वत सिंह, अरुण को फिर से अपने घर ले आया था।
घटना के 20 दिन पहले ममता अपने गांव बिजावन, यह कहकर चली गई की या तो इस घर में अरुण, रहेगा या मैं रहूंगी।
पर्वत सिंह, ममताबाई, को लेने उसके गांव बिजावन, गया तो ममता, ने अपने दोनों बच्चों आरती, व अर्नव, को पर्वत सिंह, के साथ भेज दिया पर वह स्वयं नहीं आई।
इस बात को लेकर पर्वत, परेशान रहने लगा और पर्वत, ने अपनी वर्तमान पत्नी ममता, को खुश करने के लिए अपने ही बेटे अरुण को मौत के घाट उतारने की योजना बना डाली, और दिनांक 28/03/21 को होली के दिन जब पूरा गांव होली का त्योहार मनाने एवं होलिका दहन की पूजा में व्यस्त था तो पर्वत, ने मौका पाकर घटना को अंजाम दे डाला।
पर्वत, अपने बेटे अरुण, को खेत पर ले आया और उसने अपने ही बेटे का गला दबाकर उसकी हत्या कर डाली, और अपनी वर्तमान पत्नी को फोन लगाकर बताया कि मैंने तुम्हारे रास्ते का कांटा साफ कर दिया है।
आपको बता दें कि घटना को छुपाने के लिए पर्वत, ने अपने चचेरे भाई जितेंद्र, को फोन लगाकर घटना की पूरी बात बताई और साक्ष्य मिटाने के लिए सुबह जल्दी अरुण, का अंतिम संस्कार करने की योजना बनाई, और अपने बेटे अरुण, की हत्या कर पुलिस को गुमराह करने के लिए चौबे लाँज ब्यावरा, मैं आकर रुका।
सुबह उठकर जितेंद्र, को फोन लगाकर गांव के लोगों, को व रिश्तेदारों, को अरुण, को खेत में मरे पड़े होने की सूचना देकर गुमराह किया गया, लोगों के खेत में पहुंचने के बाद पीछे से पहुंचकर जितेंद्र, के साथ मिलकर अरुण, का अंतिम संस्कार कर दिया।
पुलिस के द्वारा आरोपी पर्वत सिंह लोधा, उसकी वर्तमान पत्नी ममताबाई, एवं चचेरे भाई जितेंद्र, के विरुद्ध धारा 323, 302, 201, 120,(बी) भादवी का मामला पंजीबद्ध किया है।
आरोपीगणों पर्वत सिंह लोधा उम्र 37 साल, ममताबाई उम्र 26 साल, एवं जितेंद्र सिंह लोधा उम्र 20 साल, सर्व निवासी ग्राम कोडियाखेड़ी, थाना ब्यावरा शहर को गिरफ्तार किया जाकर माननीय न्यायालय पेश किया गया है।

रिपोर्ट कमल चौहान

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