जनशिक्षक का बैग और मोबाइल लौटाकर पेश की इंसानियत की मिसाल

जनशिक्षक का बैग और मोबाइल लौटाकर पेश की इंसानियत की मिसाल

राजगढ़ (मध्य प्रदेश):- खिलचीपुर तहसील मैं आने वाले ग्राम भाटखेड़ा बीते दिनजनशिक्षक भारती नागर निवासी भाटखेड़ा अपने छापीहेड़ा केंद्र कार्यालय से राजगढ़ नेस (राष्ट्रीय उपलब्धि पर्व) मीटिंग के लिए जा रही थीतभी मां जालपा मंदिर के यहां बेग गिरने का आभास हुआ जब उन्होंने देखा तो बैग नहीं मिला।आपको बता दें कि आज के दौर

राजगढ़ (मध्य प्रदेश):- खिलचीपुर तहसील मैं आने वाले ग्राम भाटखेड़ा बीते दिन
जनशिक्षक भारती नागर निवासी भाटखेड़ा अपने छापीहेड़ा केंद्र कार्यालय से राजगढ़ नेस (राष्ट्रीय उपलब्धि पर्व) मीटिंग के लिए जा रही थी
तभी मां जालपा मंदिर के यहां बेग गिरने का आभास हुआ जब उन्होंने देखा तो बैग नहीं मिला।
आपको बता दें कि आज के दौर में जहां लोगों का इंसानियत पर से विश्वास उठ रहा है। वही आज ऐसे लोग भी मौजूद हैं जो इंसानियत के लिए एक मिसाल बनकर उभरते हैं, उन्हीं में से एक नाम आता है प्राथमिक शिक्षक मुरारी मीणा, निवासी खिलचीपुर का। आपको बता दें कि तभी अचानक मैडम की नजर एक पास से गुजरती हुई मोटरसाइकिल पर गई जिस पर वह बैग टंगा हुआ था, परंतु मैडम की स्कूटी स्पीड कम होने की वजह से मोटरसाइकिल को पकड़ पाना असंभव था।
फिर भी उन्होंने उम्मीद लगाए रखी और अपने कार्य को प्राथमिकता देते हुए मीटिंग के लिए निकल पड़ी साथ ही मोटरसाइकिल से बेग ले जा रहे व्यक्ति के फॉर्मल कपड़ो को देखकर उन्हें लगा कि वह भी डाइट में मीटिंग के लिए जा रहे होंगे।
आपको बता दें कि डाइट में पहुंचने के बाद पता किया तो वहां कोई भी ऐसा व्यक्ति नहीं मिला जिसके पास गुम हुआ बेग हो तभी मैडम और उनके अन्य साथी शिक्षक गुम हुए बैग में रखे मोबाइल पर बार-बार फोन लगाते रहे। तथा एफआईआर दर्ज करने कोतवाली पहुंचे फिर भी मोबाइल पर फोन लगाना जारी रखा, तभी अचानक से गुम हुए मोबाइल पर बात हुई तब शिक्षक मुरारी मीणा, ने कहा की आपका मोबाइल और बैग मेरे पास सुरक्षित है मैं शाम को 4:00 बजे तक लौटा दूंगा।
मुरारी मीणा के द्वारा बताए गए समय के अनुसार मैडम और उनके अन्य शिक्षक साथी ने इंतजार किया फिर शाम को 4:00 बजे मुरारी मीणा ने मैडम को उनका मोबाइल और जरूरी दस्तावेजों वाला बेग सुरक्षित लौटा दिया।
और फिर मुरारी मीणा, ने बताया कि वह भी प्राथमिक शिक्षक हैं। जो की खिलचीपुर से राजगढ़ अपने विद्यालय जा रहे थे तभी बडबेली गांव, से गुजरते हुए उन्होंने देखा कि एक छोटे बच्चे के पास प्रोफेशनल बैग है, तभी उन्होंने अंदाजा लगाते हुए बच्चे से कड़क आवाज में पूछा बेग कहां ले जा रहा है। तब बच्चे ने कहा कि यह बेग आपका है क्या तब मुरारी मीणा, ने बड़ी समझदारी दिखाते हुए यह कहां की यह बैग मेरा है और बच्चे से बैग ले लिया और अपने पास सुरक्षित रखा साथ ही मुरारी मीणा भी अपने कार्य को प्राथमिकता देते हुए सर्वप्रथम अपने विद्यालय पहुंचे और इसी वजह से उन्होंने मोबाइल लौटाने का समय शाम 4:00 बजे का दिया था।
जनशिक्षक भारती नागर ने शिक्षक मुरारी मीणा, को धन्यवाद कहा मैडम ने बताया कि वह राजगढ़ राष्ट्रीय स्तर की नेस (राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वे) मीटिंग में जा रही थी जहां 23 शासकीय विद्यालयों के तमाम जरूरी दस्तावेज उनके बैग में रखे हुए थे। बैग मिल जाने के बाद जनशिक्षक भारती नागर ने कहा कि जब भी आगामी मीटिंग होगी प्राथमिक शिक्षक मुरारी मीणा, को सम्मानित किया जाएगा।

रिपोर्ट कमल चौहान

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