राजसी ठाट-बाट के साथ निकले बाबा महाकाल

राजसी ठाट-बाट के साथ निकले बाबा महाकाल

उज्जैन । बाबा महाकाल की शाही सवारी परम्परानुसार महाकालेश्वर भगवान की शाही सवारी धूमधाम से निकली। शाही सवारी में भगवान महाकालेश्वर ने 7 विभिन्न स्वरूपों में अपनें भक्तों को दर्शन दिये, जिसमें रजत पालकी में चन्द्रमोलीश्वर, हाथी पर रजत के सिंहासन में विराजित मनमहेश साथ ही शिव-तांडव, उमा-महेश, घटाटोप, सप्तधान मुखारविन्द व होल्कर स्टेट का

उज्जैन । बाबा महाकाल की शाही सवारी परम्परानुसार महाकालेश्वर भगवान की शाही सवारी धूमधाम से निकली। शाही सवारी में भगवान महाकालेश्वर ने 7 विभिन्न स्वरूपों में अपनें भक्तों को दर्शन दिये, जिसमें रजत पालकी में चन्द्रमोलीश्वर, हाथी पर रजत के सिंहासन में विराजित मनमहेश साथ ही शिव-तांडव, उमा-महेश, घटाटोप, सप्तधान मुखारविन्द व होल्कर स्टेट का मुखारविन्द एक रथ पर विराजित होकर भक्तों को दर्शन दिये।
सवारी निकलने के पूर्व महाकालेश्वर मंदिर के सभामंडप में  सभी परम्पराओं को समेटे भगवान चन्द्रमौलीश्वर का पूजन-अर्चन करने के बाद निर्धारित समय पर भगवान महाकाल की पालकी को नगर भ्रमण के लिये रवाना किया गया। पूजन-अर्चन मुख्य  पुजारी पं.घनश्याम शर्मा व आशीष पुजारी द्वारा सम्पन्न करवाया गया।
सभामंडप में पालकी का पूजन उज्जैन कमिश्नर संदीप यादव, नवागत पुलिस महानिरीक्षक संतोष कुमार सिंह ने सहपरिवार किया। पूजन के पश्चात सभी गणमान्यों  ने पालकी को नगर भ्रमण की ओर रवाना किया। इस दौरान महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष एवं कलेक्टर आशीष सिंह एवं एसपी सत्येन्द्र कुमार, महंत विनीत गिरी, मंदिर प्रबंध समिति के सहायक प्रशासक पूर्णिमा सिंगी, मूलचंद जूनवाल, प्रतीक द्विवेदी, सहायक प्रशासनिक अधिकारी आर.पी.गहलोत, आर.के.तिवारी आदि उपस्थित थे। भगवान की सवारी जैसे ही पालकी द्वार से श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रांगण में पहुंची, नगर भ्रमण पर निकलने से पूर्व पालकी में विराजित चन्द्रामौलीश्वर ने भगवान साक्षी गोपाल से भेंट की और वस्त्र  व मिष्ठान इत्यादि सामग्री भेंट की। हरि से हर के मिलन का सुखद संयोग देखते ही बन रहा था।  साक्षी गोपाल से भेंट के पश्चात भगवान चन्द्रमौलीश्वर परिसर स्थित श्री सिद्धी विनायक मंदिर पर अपने पुत्र से मिले व श्री सिद्धी विनायक को पोशाक व मिष्ठान आदि भेंट किया। श्री सिद्धी विनायक मंदिर पर बाबा चन्द्रमौलीश्वर की आरती के बाद पालकी नगर भ्रमण की ओर रवाना हुई। पालकी जैसे ही मुख्य द्वार पर पहुंची, वहॉ पर सशस्त्र  पुलिस बल के जवानों द्वारा भगवान को सलामी दी गयी। सम्पूर्ण मंदिर परिसर व मुख्य द्वार पर फूलों की सजावट, रंगबिरंगी अति‍शबाजी व पुष्प वर्षा के वातावरण से श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन कर उनकी भक्ति में लीन दिखायी दे रहे थें। पालकी के आगे घुडसवार दल, सशस्त्र पुलिस बल के जवान आदि की टुकडियां मार्च पास्ट करते हुए चल रही थीं। राजाधिराज भगवान महाकालेश्वर की सवारी में भक्त भगवान शिव का गुणगान करते हुए तथा झांझ-मंजीरे, डमरू बजाते हुए चल रहे थे। नगर भ्रमण के दौरान बाबा श्री महाकालेश्वर जैसे ही मॉ हरसिद्धी मंदिर के द्वार पर भेंट करने पहुंचे, माता शक्ति एवं बाबा सर्वशक्तिमान के जयकारों की गूंज से सम्पूर्ण वातावरण भक्तिमय बन गया। पालकी में विराजित चन्द्रमौलीश्वर की ओर से मॉ हरसिद्धी को साडी व सौभग्य  सामग्री आदि भेंट की गयी। मां हरसिद्धी के द्वार पर बाबा महाकालेश्वर व मां की आरती के समय वातावरण मोहक बनाने के लिए आकर्षक आतिशबाजी व पुष्प वर्षा की गयी। मॉ और बाबा महाकालेश्वर के भेंट के दृश्य को देखकर वहॉ उपस्थित सभी अत्यंत भाव-विभोर हो रहे थे। आरती के पश्चात सवारी बडा गणेश मंदिर के सामने से होते हुए महाकालेश्वर मंदिर प्रांगण में वापस आयी। जहॉ सभामण्डप में पुन: पूजन के बाद सवारी का विश्राम हुआ।
सवारी मार्ग पर भव्य कारपेट, पुष्प, रंगोली की आल्हादित करती छटा, तोप से होती पुष्पों की बौछार, आकाश  में चमकीली आतिशबाजी, भगवान पर बरसती गुलाबी पंखुड़ियां, रामघाट पर रंग बिरंगी नौकाएँ, लाल, नीली  आदि रंगों की छतरियां, कड़ाबीन के गूंज के सा‍थ नागाडों की थाप, मधुर शहनाई सभी उत्कृष्ट ताल संयोजन प्रस्तु्त कर रहे थे। राजसी ठाट-बाट से सुसज्जित सवारी निकासी के समय के उद्घोषक, तोपची भगवान महाकाल का ध्वज, अश्वारोही दल, विशेष सशस्त्र बल, पुलिस बैण्ड, नगर सेना, महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी-पुरोहित, ढोलवादक, झांझवादक, चोपदार, चांदी की झाडुवाहक, अन्य आवश्यक व्यवस्था में लगने वाले अधिकारी-कर्मचारी सीमित संख्या में उपस्थित थें।

रिपोर्ट – आसिफ खान, उज्जैन, मध्य प्रदेश

Also Read उत्तर प्रदेश : पकड़ा गया ISIS का संदिग्ध , स्वतंत्रता दिवस पर था धमाके का प्लान

Follow Us