पेट की आग बुझाना पड़ रहा है महंगा

पेट की आग बुझाना पड़ रहा है महंगा

मधुबनी :- इस कोरोना संक्रमण जैसी महामारी से पूरा देश लड़ाई लड़ रही है । इसके लिये पूरे भारत मे लॉक डाउन की भी स्थिति बनी हुई है । लेकिन सरकार ने लॉक डाउन की परिस्थिति को देखते हुये आम नागरिकों को घर घर तक सारी सुविधाएं देने की बात कही गई है । मगर

मधुबनी :- इस कोरोना संक्रमण जैसी महामारी से पूरा देश लड़ाई लड़ रही है । इसके लिये पूरे भारत मे लॉक डाउन की भी स्थिति बनी हुई है । लेकिन सरकार ने लॉक डाउन की परिस्थिति को देखते हुये आम नागरिकों को घर घर तक सारी सुविधाएं देने की बात कही गई है । मगर कपड़िया गाँव मे ग्रामीणों को कोई भी सरकारी सुविधा नही दिख रही है । क्योंकि इनलोगों को पेट को आग बुझाने के वास्ते सात किलोमीटर की दूरी तय करके राशन लाना पर रह है । इसी गांव के कुछ नागरिक गुस्साए हुये हैं , क्योंकि खासकर के राशन कार्ड में घर की महिलाएं का ही नाम है और उसमें भी कई महिलाएं ऐसे हैं जो एक कदम पैदल नही चल पा रही है ।

मधुबनी जिले के कलुआही प्रखंड अंतर्गत यह है कपड़िया गाँव । इस गाँव महज दो सौ से ज्यादा परिवार बसते हैं , और तो और इस गाँव के आम नागरिक आज नाराज दिख रहे हैं । क्योंकि इनलोगों को सरकार द्वारा दी जा रही राशन लाने के लिये सात किलोमीटर दूर जाना पर रहा है । लेकिन ये पीडीएस के व्यवस्था से झल्लाये हुये हैं , और सवाल तो यह भी है कि इनलोगों के द्वारा लॉक डाउन और सोशल डिस्टेंस का उल्लंघन भी किया गया है । वहीं सैकड़ों की संख्या इस गाँव के उपभोक्ता कलुआही – खजौली जाने वाली सड़क पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं । साथ ही प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी और जन वितरण विक्रेता के खिलाफ नारेबाजी भी कर रहे हैं । वहीं एक प्रदर्शनकारी शैलेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि इस पंचायत के पैक्स अध्यक्ष बरुण सिंह है और वह भाजपा के जिला उपाध्यक्ष भी है । इसी का खौफ दिखाकर गरीब लोगों की अनाज का हकमारी कर रहे हैं । वहीं एक वृद्ध महिला भी बताया कि जबतक हमलोगों के साथ न्याय नही मिलेगा तब तक सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करते रहेंगे ।

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सात किलोमीटर का सफर इस ग्रामीणों के लिये आसान नही है और नही गरीब , लाचार , और बेबस के लिये । कपड़िया गाँव से पाली मोहन जो पैक्स अध्यक्ष का गाँव है । इसकी दूरी सात किलोमीटर की है । और तो और इस गाँव के उपभोक्ता इस दुगर्म पथ पर चलते चलते हुये कई अपना पाँव भी तुड़वा बैठे हैं । चर्चा है कि इसी पंचायत के एक पैक्स अध्यक्ष है बरुण कुमार सिंह । जो चार महीने पूर्व इसी कपड़िया गाँव मे ही पीडीएस की दुकानें खोली थी । उस समय इस गाँव के लोगों को काफी सहूलियत मिलती थी । अब तो इस गाँव के नागरिकों को अपना राशन लाने के लिये सात किलोमीटर जाना पड़ता है । अब यही पैक्स अध्यक्ष बरुण कुमार सिंह दिसबंर महीने से पीडीएस की दुकान अपने गाँव पाली मोहन जो अपने निजी निवास पर ले जा चुके हैं । यह लोग चार महीने से दूरी रहने के कारण अपना राशन की भी उठाव नही करते हैं । जब पैक्स अध्यक्ष बरुण कुमार सिंह से सवाल किया गया तो उन्होंने बताया कि जो लोग भी आरोप लगाया है वो सारा निराधार है । वहीं प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी सुरेश कुमार ने बताया कि अनुमंडल पदाधिकारी को रिपोर्ट सौंपी गई है । उनका आदेश का इंतजार है ।

पैक्स चुनाव की रंजिस कपड़िया गाँव के गरीब , लाचार और बेबस लोगों को इसकी खामियाजा भुगतना पड़ रहा है । दो पैक्स चुनाव प्रत्याशी के मनमुटाव के कारण यह सवाल खड़ा होता है की इस कोरोना संक्रमण जैसी महामारी में इस तरह की लापरवाही करना खतरे की सबक बन सकती है । लिहाज़ा उच्च पदस आलाधिकारियों को इसका निदान करना चाहिये ।

रिपोर्टर – शादाब अख़्तर

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