Fourth Wave of Covid in India: आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर मणींद्र अग्रवाल ने किया बड़ा दावा

  Fourth Wave of Covid in India: आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर मणींद्र अग्रवाल ने किया बड़ा दावा

अभी तक भारत में कोरोना वायरस की तीन लहरों की सटीक भविष्यवाणी करने वाले आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर मणींद्र अग्रवाल ने कोरोना की चौथी लहर को लेकर बड़ी भविष्यवाणी कर दी है। प्रोफेसर मणींद्र अग्रवाल ने कोरोना वायरस के एक्सई वैरिएंट को लेकर की अपनी स्टडी का खुलासा करते हुए कहा संभावना व्यक्त की है कि भारत को कोरोना की चौथी लहर का सामना नहीं करना पड़ेगा। 

गौरतलब है कि इससे पहले भारत कोरोना की तीन लहर झेल चुका है, जिससे सबसे ज्यादा भयावह डेल्टा वैरिएंट वाली दूसरी लहर थी। प्रोफेसर मणींद्र अग्रवाल ने अपने गणीतीय मॉडल की मदद से तीनों लहर की सटीक भविष्यवाणी की थी। प्रोफेसर मणींद्र अग्रवाल ने चौथी लहर न आने का मुख्य कारण भारतीयों में प्राकृतिक तौर पर विकसित प्रतिरोधक क्षमता को बताया है। 

प्राकृतिक प्रतिरोधक क्षमता को नहीं तोड़ पायेगा एक्सई वैरिएंट

प्रोफेसर मणींद्र अग्रवाल ने अपनी स्टडी में नेचुरल इम्युनिटी पर जोर दिया है उन्होंने कहा है कि सरकारी आंकड़े के मुताबिक अभी तक जितने लोगों को कोरोना वायरस हो चुका है असल में उससे 30 फीसदी ज्यादा लोग इस वायरस के शिकार हो चुके है, जिनमें प्राकृतिक प्रतिरोधक क्षमता विकसित होने के कारण उन्होंने वायरस को मात दे दी। इसी प्राकृतिक प्रतिरोधक क्षमता के कारण संभव है कि भारत को चौथी लहर का सामना न करना पड़े। 

वृहद वैक्सिनेशन कार्यक्रम

भारत में प्राकृतिक प्रतिरोधक क्षमता के साथ ही ज्यादातर आबादी को कोरोना वायरस से बचाने के लिए वैक्सीन लगाया जा चुका है। लगभग पूरी ही आबादी को कोरोना की दो डोज लगने के साथ ही अधिकतर लोगों को बूस्टर डोज भी दी जा चुकी है। यहाँ तक कि बच्चों के लिए भी वैक्सिनेशन कार्यक्रम चलाया जा रहा है। 

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