कोरोना से अभिभावकों को खोने वाले बच्चों की मदद को आगे आयी सरकार

कोरोना से अभिभावकों को खोने वाले बच्चों की मदद को आगे आयी सरकार

बांदा। कोरोना महामारी के वज्राघात के कारण जिन बच्चों ने अपने माता पिता अथवा उनमें से किसी एक को खो दिया है, ऐसे बच्चों की मदद के लिए उत्तर प्रदेश सरकार आगे आयी है। सरकार के उ0प्र0 मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत ऐसे बच्चों का भरण पोषण, शिक्षा और चिकित्सा आदि की व्यवस्था हेतु शासन द्वारा आर्थिक सहयोग प्रदान किया जायेगा। 

इसी योजना के तहत आज बांदा जिले के कलेक्ट्रेट सभागार में राज्य महिला आयोग की सदस्या प्रभा गुप्ता की अध्यक्षता एवं जिलाधिकारी अनुराग पटेल के नेतृत्व में 13 बालक/बालिकाओं को लैपटाॅप का वितरण किया गया है जो क्रमशः अभिषेक सोनी, संदीप, दीपेन्द्र चन्द्र अवस्थी, किस निगम, मानवी, रोशनी पाठक, शिवम पाठक, अंशिका साहू, वैभव पाण्डेय, विवेक कुमाार दीक्षित, छाया, संजय, अजय को देकर उनके उज्जवल भविष्य की कामना की गयी।

इस दौरान राज्य महिला आयोग की सदस्या प्रभा गुप्ता ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि कोरोना की महामारी में अपने जनपद में बहुत से लोंगो ने अपने प्रियजनों को खोया है, उसकी भरपायी तो हम नही कर सकते हैं लेकिन हर समय उनके सुख-दुख में साथ खडे हैं और शासन की योजनाओं का पात्र लाभार्थियों को लाभ दिलाने का कार्य किया जा रहा है। हमारे मा0 प्रधानमंत्री जी एवं मुख्यमंत्री जी ने जिस तरह अपने देशवासियों को अपना परिवार माना है और उन्हें हर सम्भव मदद प्रदान की है, जो बहुत ही सराहनीय पहल है यह योजना अभी सिर्फ उ0प्र0 में ही संचालित है। मा0 मुुख्यमंत्री जी द्वारा कोरोना से पीडित परिवार को हर सम्भव मदद प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि हमारे जनपद के जिलाधिकारी सहित अन्य अधिकारी भी शासन की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं, यह बहुत ही सराहनीय है।

12वीं तक मिलेगी बच्चों को मुफ्त शिक्षा

जिलाधिकारी बांदा अनुराग पटेल ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि देश के अत्यन्त लोकप्रिय मा0 प्रधानमंत्री जी एवं मा0 मुख्यमंत्री जी द्वारा कोरोना महामारी के दौरान हुई आकस्मिक मृत्यु उनके पात्र बच्चों को 4000/- रू0 की सहायता धनराशि प्रतिमाह दी जा रही है और जनपद में ऐसे 85 बच्चों का चयन कर सहायता प्रदान की जा रही है तथा 11 से 18 आयु वर्ग के बच्चों की कक्षा-12 तक की निःशुल्क शिक्षा हेतु अटल आवासीय विद्यालय तथा कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में प्रवेश हेतु 12000/रू0 प्रतिवर्ष आर्थिक सहयोग राशि प्रदान की जा रही है यदि बच्चों के संरक्षक आवासीय विद्यालय में प्रवेश नही दिलाना चाहते हैं तो बच्चों को उनके 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने तक 4000/रू0 की धनराशि प्रतिमाह दी जायेगी। 

लाभार्थी बालिकाओं की शादी हेतु 101000/-रू0 का आर्थिक सहयोग प्रदान किया जायेगा तथा पात्र लाभार्थियों में कक्षा-9 या इससे ऊपर अथवा व्यवसायिक शिक्षा प्राप्त कर रहे 18 वर्ष तक के बच्चों को टैबलेट/लैपटाॅप प्र्रदान किया जा रहा है। उसी क्रम में आज जनपद के 13 बच्चों को लैपटाॅप प्रदान किया गया है। जिलाधिकारी ने बच्चों को सम्बोधित करते हुए कहा कि लैपटाॅप का सदुपयोग शिक्षा तथा ज्ञानार्जन के लिए करें और अपने भविष्य में एक लक्ष्य तय कर उसे प्राप्त करें, जिससे आपकेे परिवार के साथ-साथ जनपद, प्रदेश एवं देश का नाम रोशन होगा और आप प्रगति पथ की ओर अग्रसर रहेंगे।

मुख्य विकास अधिकारी वेद प्रकाश मौर्या ने कहा कि हमारी उ0प्र0 सरकार हर क्षेत्र में लगातार चैमुखी विकास कर रही है तथा पात्र लाभार्थियोें को शासन की योजनाओं से लाभान्वित कराया जा रहा है। उन्होंने आये हुए बच्चों एवं अभिभावकों के प्रति संवेदना व्यक्त की तथा उनकेे उज्जवल भविष्य की कामना की।

 

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