तेजस्वी का झूठ..लालू भक्तों के लिए ब्रह्मवाक्य

तेजस्वी का झूठ..लालू भक्तों के लिए ब्रह्मवाक्य

 
तेजस्वी यादव का एक झूठ कई साल से सोशल मीडिया पर बड़ा हिट रहा है..लालू भक्त उस झूठ को ब्रह्मवाक्य समझकर उसे दोहराते रहते हैं..उन्हें लगता है कि लालू के साथ अन्याय हुआ है..दरअसल करप्शन के केसेज में जब लालू को सज़ा हुई तो तेजस्वी यादव ने कहा कि "अगर लालू ने बीजेपी से हाथ मिला लिया होता तो उनके पिता को सज़ा नहीं होती"
 
चलिए तेजस्वी यादव के इस बयान का पोस्टमॉर्टम किया जाए..लालू यादव के खिलाफ चारा घोटाले में केस कब दर्ज हुआ ? केस दर्ज हुआ था 1996 में..तब NDA की नहीं बल्कि संयुक्त मोर्चा की सरकार थी..लालू यादव को सज़ा कब हुई ? 2013 में...तब किसकी सरकार थी..UPA की..तो फिर सवाल है कि बीजेपी से हाथ मिलाने से लालू यादव बच कैसे जाते ?
 
अब दूसरा सिनारियो देखते हैं..1998 से 2004 तक वाजपेयी सरकार रही..लेकिन क्या लालू वाजपेयी सरकार के दौरान बीजेपी से हाथ मिला सकते थे..नहीं मिला सकते थे..इसकी कई वजहें थीं जैसे कि
 
1- वाजपेयी उस तरह के नेता नहीं थे..जैसे मोदी हैं..मोदी सत्ता के लिए किसी से भी हाथ मिला सकते हैं..लेकिन वाजपेयी नहीं 2- वाजपेयी सरकार के दौरान बीजेपी पूरी तरह आडवाणी की पार्टी थी.. इन्हीं आडवाणी को रथयात्रा के दौरान लालू ने बिहार के समस्तीपुर में अरेस्ट करवाया था..तो क्या आडवाणी कभी लालू से हाथ मिलाते ? 3- लालू की सारी राजनीति MY यानी मुस्लिम-यादव समीकरण पर टिकी है..क्या लालू बीजेपी से हाथ मिलाकर मुस्लिमों को नाराज़ कर सकते थे ? ये बाद आज भी सच है..मोदी राज के दौरान भी बीजेपी से हाथ मिलाने का मतलब है RJD की राजनीतिक पूंजी खत्म हो जाना..तो फिर तेजस्वी बताएं कि लालू किस सूरत में बीजेपी से हाथ मिलाते और चारा घोटाले में बेगुनाह साबित होते ? क्या बीजेपी से हाथ मिलाना मतलब अपने पैर पर कुल्हाड़ी मारना नहीं होगा..लालू तो अपनी पारी खेल चुके..उनका जो होना था..हो चुका...बीजेपी से हाथ मिलाकर वो क्यों तेजस्वी की राजनीति चौपट करते..
 
इस देश में कई भ्रष्ट नेता तो जो बीजेपी से हाथ मिलाए बगैर शान से जी रहे हैं...बीजेपी को टक्कर दे रहे हैं..तो अब ये तो साफ हो गया कि बीजेपी से हाथ मिलाकर लालू के बेगुनाह साबित होने की बात में कोई दम नहीं है...
 
तो अब सवाल ये है कि लालू अब जो भुगत रहे हैं..खासकर सेहत सम्बंधी समस्याएं...इसका कौन जिम्मेदार है ? तो जवाब यही है कि सबको अपने कर्मों का फल यहीं भुगतना पड़ता है..मैं भी भुगतूंगा..आप भी..हर कोई भुगतेगा..ईश्वर के न्याय और कर्म की गति से कोई नहीं बचा..फिर भी लालू जी की सेहत के लिए प्रार्थना रहेगी... 
 
 
✍🏼 DEEPAK JOSHI

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