बेन स्टोक्स का संन्यास और भारतीय खिलाड़ियों की बेईमानी..

बेन स्टोक्स का संन्यास और भारतीय खिलाड़ियों की बेईमानी..

सुनील गावस्कर के अलावा और कौन इंडियन प्लेयर है..जिन्होंने फॉर्म में रहते हुए संन्यास लिया..कपिल देव 434 विकेट लेने के लिए खेलते रहे..सचिन तेंदुलकर को ही देखिए..आखिरी दिनों में 200 टेस्ट का रिकॉर्ड बनाने के लिए खेलते रहे..और भी कई प्लेयर हैं जो अपनी Sale by Date के बाद भी खेलते रहे..बाद में धकियाकर बाहर किए गए..

वनडे क्रिकेट से बेन स्टोक्स की संन्यास की खबर अब तक आपने सुन ली होगी..पूरी दुनिया के क्रिकेट फैंस की तरह मेरे लिए भी ये शॉकिंग न्यूज़ थी..स्टोक्स की उम्र महज 31 साल है..फॉर्म में शानदार है..बैटिंग, बॉलिंग या फिर फील्डिंग...तीनों फील्ड में कॉन्ट्रिब्यूट कर रहे हैं..फिर अचानक संन्यास का एलान क्यों किया ? इसकी वजह ये रही कि बेन स्टोक्स को लग रहा था कि वनडे में मज़ा नहीं आ रहा..50 ओवर के फॉर्मेंट को 100% नहीं दे पा रहे हैं..तो उन्होंने सोचा कि आखिर ऐसे किसी नए खिलाड़ी का रास्ता क्यों रोका जाए जो वनडे में अपना हंड्रेड परसेंट देगा ? इसलिए उन्होंने संन्यास ले लिया..याद रखिए क्रिकेट भले ही इंग्लैंड का मुख्य खेल है लेकिन वहां जुनून फुटबॉल को लेकर है..क्रिकेट को लेकर वहां टैलेंट पूल उतना बड़ा नहीं है..जितना भारत में...अपने देश में एक खिलाड़ी की जगह लेने के लिए कई खिलाड़ी तैयार हैं..जबकि बेन स्टोक्स जैसे इनफॉर्म प्लेयर को रिप्लेसमेंट मिलना इतना आसान नहीं है..फिर भी बेन स्टोक्स ने दिल की सुनी..ईमानदारी बरती और संन्यास का एलान कर दिया..
बेन स्टोक्स अकेले नहीं है..अभी कुछ ही दिन पहले इंग्लैंड का व्हाइट बॉल फॉर्मेट के कैप्टन इयॉन मोर्गन ने भी संन्यास लिया था..इयॉन मोर्गन पिछले 6-7 महीने से ही आउट ऑफ फॉर्म थे..लेकिन अपनी कप्तानी में टीम को जीत दिला रहे थे..टीम में उनकी जगह को लेकर सवाल नहीं उठ रहे थे..इंग्लैंड को वनडे वर्ल्ड चैम्पियन भी बनाया..फिर भी इयॉन मोर्गन ने एक झटके में संन्यास ले लिया..मैं विदेशी खिलाड़ियों के तमाम उदाहरण दे सकता हूं..ग्रीम स्मिथ, माइक्ल क्लार्क, जैक्स कैलिस, संगकारा, महेला जयवर्धने..इसके अलावा भी बहुत सारे हैं जिन्होंने अचानक संन्यास ले लिया..
अब इसकी तुलना भारत से करिए...सुनील गावस्कर के अलावा और कौन इंडियन प्लेयर है..जिन्होंने फॉर्म में रहते हुए संन्यास लिया..कपिल देव 434 विकेट लेने के लिए खेलते रहे..उनके चक्कर में अहमदाबाद टेस्ट में श्रीनाथ को वाइड बॉल फेंकनी पड़ी ताकि कपिल देव को विकेट मिलें..वर्ल्ड रिकॉर्ड बने और संन्यास ले सकें..
सचिन तेंदुलकर को ही देखिए..आखिरी दिनों में 200 टेस्ट का रिकॉर्ड बनाने के लिए खेलते रहे..BCCI को वेस्टइंडीज ने सिर्फ इसलिए टेस्ट सीरीज़ के लिए बुलाया कि सचिन को 200 टेस्ट पूरे हों..घरेलू मैदान पर संन्यास ले सकें..और भी कई प्लेयर हैं जो अपनी Sale by Date के बाद भी खेलते रहे..बाद में धकियाकर बाहर किए गए..
क्रिकेट से संन्यास को छोड़िए..मैच फिक्सिंग को लेकर भी विदेशी और भारतीय खिलाड़ियों का स्टैंड देखिए..शेन वॉर्न ने बता दिया कि उसने बुकी को मैच से पहले मौसम की जानकारी दी और बैन झेला लेकिन मोहम्मद अज़हरूद्दीन ने मैच फिक्सिंग के सबूत होने के बावजूद ये बात कभी नहीं मानी कि उन्होंने फिक्सिंग की..हैंसी क्रोनिए ने फिक्सिंग की बात मानी लेकिन अजय जडेजा और मनोज प्रभाकर ने कभी स्वीकार नहीं किया..
ये भारत का राष्ट्रीय चरित्र है..हम भारतीय काइयां होते हैं..कभी गलती नहीं मानते..जब तक लात मारकर बाहर ना किया जाए..ना टीम छोड़ेंगे..ना राजनीति से संन्यास लेंगे भले ही पैर कब्र में लटके हों..बेन स्टोक्स जैसे लोग हमारे यहां नहीं पाए जाते..
 
- ✍🏼 DEEPAK JOSHI

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