सस्ते क्रूड ऑयल का उपभोक्ताओं को नहीं मिल रहा लाभ, दाम कम करने के लिए नये नियम ला सकता है मोदी सरकार

सस्ते क्रूड ऑयल का उपभोक्ताओं को नहीं मिल रहा लाभ, दाम कम करने के लिए नये नियम ला सकता है मोदी सरकार

जून के पहले पखवाड़े की तुलना में जुलाई में यानी एक माह में पेट्रोल की कीमत में 17 फीसदी से अधिक और डीजल में 14 फीसदी से अधिक की गिरावट आई है, जिसका लाभ कंपनियों ने उपभोक्ताओं को नहीं दिया है।

मंहगे पेट्रोल डीजल के कारण बढ़ रही कमरतोड़ मंहगाई के बीच मोदी सरकार ने उपभोक्ताओं तक सस्ते पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने की कवायद तेज कर दी है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक सरकार मौजूदा वाहन ईंधन मूल्य निर्धारण व्यवस्था की समीक्षा कर सकती है क्योंकि सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने सात अप्रैल से पेट्रोल पंप पर दरों में दैनिक परिवर्तन बंद कर दिया है। 

उपभोक्ताओं को नहीं मिल रहा सस्ते तेल का लाभ 

रूस और युक्रेन के बीच शुरू हुए युद्ध के बाद अचानक तेल की कीमतों में भारी उछाल आया था, इस बीच रूस ने भारत को सस्ता तेल बेचने का प्रस्ताव दिया था। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जून के पहले पखवाड़े की तुलना में जुलाई में यानी एक माह में पेट्रोल की कीमत में 17 फीसदी से अधिक और डीजल में 14 फीसदी से अधिक की गिरावट आई है। सरकार ने जब मई में पेट्रोल-डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती की तो कंपनियों ने केवल उतनी ही राशि कीमतों में कम की और अपनी ओर से कोई रियायत उपभोक्ताओं को नहीं दी।

सरकार ने कम किया था उत्पाद शुल्क

केंद्र सरकार ने मई के अंतिम सप्ताह में आम आदमी को बड़ी राहत देते हुए पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में क्रमशः आठ रुपये और छह रुपये प्रति लीटर की कटौती करने की घोषणा की थी। इससे पेट्रोल-डीजल के दाम क्रमशः 9.5 रुपये और सात रुपये प्रति लीटर तक गिर गए थे।

कच्चे तेल के आधार पर रोज तय होते थे रेट

इससे पहले सरकार ने डीजल पेट्रोल के भाव का बाजार के मुताबिक लचीला बनाने के लिए एक मई, 2017 से पांच शहरों में दैनिक आधार पर पेट्रोल-डीजल के दाम की समीक्षा करने की व्यवस्था शुरू हुई थी, जबकि रसोई गैस और विमान ईंधन के मामले में इसे 15 दिन पर किया जाता है।

इस व्यवस्था के अनुसार अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में जो भी परिवर्तन होता था, उसी के आधार पर दैनिक रेट तय किये जाते थे। सरकारी तेल कंपनियां इस व्यवस्था का उपयोग सिर्फ रेट में बढ़ाने में कर रही है। पिछले कुछ माह से कच्चे तेल की कीमतों में आयी गिरावट के बाद भी कंपनियों ने दाम नहीं घटाये है। सात अप्रैल से पेट्रोल पंप पर दरों में दैनिक परिवर्तन बंद है। 

 

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