युवाओं को धनपशु नही कौशल सम्पन्न बनाना है लक्ष्य

युवाओं को धनपशु नही कौशल सम्पन्न बनाना है लक्ष्य

दिनाँक 15 जुलाई 2022 को, 'विश्व युवा कौशल दिवस' के अवसर पर 'पथगामिनी' आभासी पटल गाज़ियाबाद उत्तर प्रदेश से एक चर्चा(वेबिनार) का आयोजन किया गया। जिसका विषय था 'युवाओं में कौशल प्रशिक्षण का महत्व'। वेबिनार के स्पीकर‌ थे - 'प्रीति अज्ञात' 'चित्रा राणा राघव'  'डॉ. लवीना सिंह'। कार्यक्रम का शुभारम्भ  पथगामिनी की संचालिका एवं संस्थापिका 'मंजुला श्रीवास्तवा' जी ने अतिथियों का स्वागत करके किया।कार्यक्रम का संचालन 'रक्षा गुप्ता' जी ने किया।

संचालिका 'रक्षा गुप्ता' जी ने श्रमशक्ति एवं कौशल का महत्व बताते हुए सर्वप्रथम अहमदाबाद,गुजरात से 'प्रीति अज्ञात' जी को अपने विचार रखने हेतु आमंत्रित किया।  उन्होंने कौशल प्रशिक्षण के महत्व को समझाते हुए कहा कि स्कूलों से ही सभी तरह के कौशल के साथ  जीवन जीने का कौशल यानी जीवन-कौशल का महत्व कितना बड़ा है। हमारा मकसद सिर्फ धनपशु बनना नहीं बल्कि उससे कहीं-कहीं बहुत ज्यादा है। किसी ने कहा भी है ना कि 'सितारों से आगे जहाँ और भी है!'

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प्रीति अज्ञात जी  के अनमोल और अद्वितीय विचारों ने समस्त श्रोतागणों को प्रभावित किया। उसके पश्चात चित्रा राणा राघव ने कनाडा से अपने विचार में  संस्कृतियों की तुलना‌ करते हुए यह बताया कि हमारे देश‌ भारत में योग्यता की कमी नहीं है उन्होंने 'ट्रांसफार्मेशन  एजुकेशन' से लेकर ड्रीम वर्ड आफ एजुकेशन वर्सेज रियल एजुकेशन' और न जाने ऐसे कितने ही महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा की।इसके बाद डॉ. लवीना सिंह  इंदौर मध्यप्रदेश से अपने संबोधन में बताया कि MBA और मनोविज्ञान के छात्रों को उच्च शिक्षा संस्थानों में पढ़ाते वक्त वो इन बातों से आए दिन दो-चार  होती हैं। उन्होंने साथ ही साथ यह भी बताया कि सरकार के विभिन्न मंत्रालयों  'स्किल डेवलेपमेंट के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रमों पर विस्तार से चर्चा की।  'डॉ. लवीना‌ सिंह' ने श्रोताओं के कई प्रश्नों के उत्तर देते हुए बताया कि आखिर किस तरीके से हमें अपना 'इमोशन स्किल मैनेजमेंट' दुरुस्त रखना चाहिए।

अंत में कार्यक्रम की संचालिका रक्षा गुप्ता जी ने सभी वक्ताओं को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए स्वलिखित दो पंक्तियाँ श्रोताओं के सम्मुख प्रस्तुत की - 

" माना कि कुशल होने के लिए, कौशल जरुरी है ,

पर सफलता के लिए बुलंद हौंसले का होना ज़रुरी है ।तत्पश्चात पटल की संस्थापिका मंजुला श्रीवास्तवा  ने सभी सम्मानित वक्ताओं, श्रोतागण एवं कार्यक्रम संयोजक देवकृष्ण गुप्ता का धन्यवाद ज्ञापित किया।

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