पर्यटन से होगा बुंदेलखंड का विकास , 31 किलों को पर्यटन केन्द्र बनाने के निर्देश

पर्यटन से होगा बुंदेलखंड का विकास , 31 किलों को पर्यटन केन्द्र बनाने के निर्देश

बुंदेलखंड : बुंदेलखंड उत्तर प्रदेश का अहम हिस्सा जो चुनाव के दौरान तो सुर्खियों में रहता है। क्योंकि यह बुंदेलखंड का सबसे अहम और बड़ा भाग है। लेकिन चुनाव के बाद कहीं ना कहीं बुंदेलखंड का विकास पीछे ही रह जाता था। लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार ने बुंदेलखंड के विकास को बढ़ावा देने के लिए पहले तो बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जिससे बुंदेलखंड को देश की राजधानी से जोड़ा जा सके। प्रदेश की योगी सरकार ने बुंदेलखंड में पर्यटन को भी बढ़ावा देने के लिए विचार किया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने आदेश दिया है कि बुन्देलखंड के 31 किलों व दुर्गों को पर्यटन केन्द्र के रूप में कराया जाए। समृद्ध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक धरोहरों वाले बुन्देलखंड में पर्यटन विकास के लिए ठोस कार्य योजना बनाएं। साथ ही लखनऊ में आम्बेडकर सांस्कृतिक केन्द्र का काम जल्द पूरा कराया जाए।

उत्तर प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को उच्चस्तरीय बैठक में बुंदेलखंड के विकास को लेकर चर्चा की और पर्यटन विभाग के अफसरों को यह निर्देश दिया। मुख्यमंत्री योगी ने यह भी कहा कि किलों के पुरातात्विक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व से परिचय करवाती कॉफी टेबल बुक भी तैयार करवाई जाए। विशाल परिसर वाले कई किले अपनी भव्यता के साथ बेहतरीन होटल के रूप में तैयार हो सकते हैं। हमें इन संभावनाओं को आकार देना होगा। उन्होंने कहा कि कालिंजर का किला 542 हेक्टेयर के विशाल क्षेत्र में है। यहां निजी क्षेत्र की सहभागिता से लाइट एन्ड साउंड शो, कैम्पिंग-ट्रेकिंग रॉक क्लाइम्बिंग और फ़साड लाइटिंग का कार्य कराया जाए। किले पर नेचर ट्रेल की गतिविधियों को शुरू किया जाना चाहिए।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को हुई बैठक में बुंदेलखंड के विकास को लेकर हम चर्चा की और पर्यटन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बुंदेलखंड में पर्यटन को आकर्षण करना जरूरी है जिससे बुंदेलखंड का विकास होगा और बुंदेलखंड के बारे में विदेश से आए लोगों को भी जानकारी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि झांसी दुर्ग में पर्यटकों का आगमन होता है, वहीं समीप में स्थित बरुआ सागर किला तक जाने के लिए सुगम साधन की जरूरत है। 12 एकड़ परिसर वाला टहरौली किला और 4 एकड़ परिसर वाली दिगारा की गढ़ी, चिरगांव का किला, लोहागढ़ का किला, चम्पत राय का महल, रघुनाथ राव का महल की स्थिति जीर्ण-शीर्ण हो रही है। इनके पुनरोद्धार के लिए ठोस प्रयास किये जायें। इसी प्रकार महावीर स्वामी अभ्यारण्य तथा बानपूर्वक किले को इको-टूरिज्म को विकसित किया जाए। गढ़ों के जीर्णोद्धार के लिए पीपीपी मॉडल अपनाया जाना चाहिए। सीएसआर भी उपयोगी हो सकता है। एएसआई द्वारा संरक्षित तालबेहट दुर्ग की स्थिति बहुत अच्छी है। यह पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण है। इस किले तक पहुंचने के लिए संपर्क मार्ग को बेहतर किया जाए। प्रकाश आदि की व्यवस्था को दुरुस्त किये जाने की आवश्यकता है।

चरखारी स्थित मंगलगढ़ किले को निजी क्षेत्र की सहभागिता से हेरिटेज होटल, एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिहाज से विकसित किया जाना चाहिए। इसी प्रकार, मस्तानी महल, बेलाताल पर कैफेटेरिया की सुविधा दें। बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर सांस्कृतिक केंद्र, लखनऊ की स्थापना का कार्य तेजी से पूर्ण कराएं। आगामी 06 दिसम्बर को बाबासाहेब का 'महापरिनिर्वाण दिवस' है। प्रयास करें तब तक यह महत्वपूर्ण परियोजना पूर्ण हो जाए। श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के लिए उत्तराखंड स्थित बद्रीनाथ में प्रस्तावित पर्यटक आवास गृह का कार्य जल्द शुरू कराया जाए। संत तुलसीदास जी की जन्मस्थली राजापुर के पर्यटन विकास की कार्ययोजना को समयबद्ध ढंग से पूर्ण कराएं। 

 

 

 

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