मोदी कभी-कभी मुझे फिल्म चाइना गेट के विलेन जगीरा की याद क्यों दिलाते हैं ?

मोदी कभी-कभी मुझे फिल्म चाइना गेट के विलेन जगीरा की याद क्यों दिलाते हैं ?

हिंदुओं की रक्षा और अब्दुल को टाइट रखने के नाम पर बीजेपी वोट लेती है...ईमानदारी से पूछिए पिछले 8 साल में हिंदुओं की कितनी रक्षा हुई और अब्दुल कितना टाइट हुआ ? ये भी चेक करिएगा कि अब्दुल टाइट हुआ या उसने सरकार को ही टाइट कर दिया..4 महीने तक शाहीनबाग में धरना रहा...दिल्ली में दंगे हुए..अब्दुल खुल्ला घूम रहा था और सरकार ऐसी टाइट हुई कि ना CAA का जिक्र करती है...ना NRC का...पिछले कुछ महीनों में कितने सर तन से जुदा हो गए...कुछ ही दिन पहले मुख्तार अब्बास नकवी द्वारा दिए गए आंकड़े पोस्ट किए थे मैंने...सरकारी योजनाओं का सबसे ज्यादा फायदा अब्दुल ही ले रहा है..हिंदुओं की रक्षा और अब्दुल को टाइट रखना...बीजेपी की जीत का एकमात्र कारण है..लेकिन इसमें भी फेल..बाकी सरकार की आर्थिक नीतियों पर क्या बोला जाए...बस एक ही उदाहरण काफी है..

फिल्म चाइना गेट का विलेन जगीरा याद है आपको ? वही "मेरे मन को भाया..मैं कुत्ता काट के खाया" डायलॉग वाला..इसी फिल्म में जगीरा का एक और डायलॉग है "फौजियो मुझसे लड़ने के लिए हिम्मत तो ले आओगे..लेकिन मेरे जैसा कमीनापन कहां से लाओगे"

कभी-कभी मुझे लगता है कि मोदी के नेतृत्व में बीजेपी ने Shrewdness दिखाने में जगीरा को भी पीछे छोड़ दिया है..हिंदू-मुस्लिम के अलावा बीजेपी की राजनीति अपने कार्यकर्ताओं की लाश से चलती है..कहते हैं कमल कीचड़ में खिलता है लेकिन बीजेपी का कमल (चुनाव चिन्ह) कार्यकर्ताओं के खून से खिलता है..बीजेपी पिछले 8 साल से सत्ता में है लेकिन ज़रा याद करिए इन 8 सालों में किस पार्टी के कार्यकर्ताओं की सबसे ज्यादा हत्याएं हुई हैं...बंगाल और केरल को छोड़ दीजिए..कई बीजेपी शासित राज्यों में भी यही हाल हैं..

ताज़ा मामला कर्नाटक का ही लीजिए..बीजेपी युवा मोर्चा के जिला सचिव प्रवीण नेट्टरू की हत्या कर दी गई...कर्नाटक में बीजेपी और संघ के नेताओं की हत्या के सिलसिले की सबसे नई कड़ी..प्रवीण के परिवार वालों को आर्थिक मदद देने के लिए बीजेपी अब पूरे कर्नाटक में चंदा इकट्ठा कर रही है...मतलब हद है..बीजेपी यानी दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी..बीजेपी यानी भारत की सबसे बड़ी पार्टी...भ्रष्टाचार की जड़ इलेक्टोरल बॉन्ड से सबसे ज्यादा चंदा बीजेपी को मिल रहा है..70 से 80 फीसदी डोनेशन बीजेपी के खाते में जा रहा है..लेकिन अपने कार्यकर्ता को देने के लिए बीजेपी लोगों से चंदा लेगी..

याद है झारखंड में जब एक चोर तबरेज अंसारी की हत्या हुई थी तो केजरीवाल सरकार ने दिल्ली वक्फ बोर्ड यानी सरकारी खजाने से उसके परिवार को पैसा दिया था..जबकि दिल्ली सरकार का झारखंड के तबरेज से कोई लेना-देना नहीं था..याद है अखिलेश यादव ने किस तरह अखलाक के परिवार पर पैसे और फ्लैट्स की बारिश कर दी थी..लेकिन कर्नाटक की बीजेपी सरकार के पास प्रवीण के परिवार को देने के लिए पैसे नहीं हैं..भीख मांगकर पैसे दिए जाएंगे...चंदा मांगकर लोगों को मोबालाइज किया जाएगा कि बीजेपी को वोट दो..हम हिंदुओं की रक्षा करेंगे लेकिन फिर हिंदू की हत्या होगी..बीजेपी फिर चंदा मांगेगी..फिर वोट मांगेगी..ये सिलसिला यूं ही चलता रहेगा..हिंदुओं के खून से बीजेपी का कमल खिलता रहेगा...बीजेपी का अपना जो पैसा है..वो विधायकों को खरीदने के काम आएगा..मरने वाले हिंदुओं के लिए बीजेपी चंदा जमा करेगी..इतने राज्यों में सरकार है लेकिन मारे गए हिंदू के परिवार के लिए फूटी कौड़ी नहीं..खुद बीजेपी के कार्यकर्ता अब अपने नेताओं को दौड़ाने लगे हैं..कल जब कर्नाटक बीजेपी के अध्यक्ष मारे गए प्रवीण के परिवार से मिलने जा रहे थे तो बीजेपी कार्यकर्ताओं ने उनकी कार घेर ली..बीजेपी कार्यकर्ता इतने गुस्से में थे कि अपने ही नेता की कार पलटने की कोशिश करने लगे..अपने कार्यकर्ताओं के गुस्से को देखकर बीजेपी ने बोम्मई सरकार के एक साल पूरा होने के मौके पर होने वाले जश्न को रद्द कर दिया..

पश्चिम बंगाल को ही लीजिए..2014 से 2021 तक बंगाल में बीजेपी के जितने कार्यकर्ता मारे गए..उन सबका जेपी नड्डा कोलकाता में सामूहिक तर्पण कर आए..अब 2021 से 2026 तक बंगाल में जितने बीजेपी कार्यकर्ता मारे जाएंगे..उस समय का बीजेपी अध्यक्ष उनका सामूहित तर्पण कर आएगा और कर्तव्य की इतिश्री..

क्या मोदी ने कन्हैया लाल की हत्या पर एक शब्द बोला ? क्या मोदी ने कर्नाटक में हर्षा या प्रवीण की हत्या पर एक शब्द बोला ? क्या मोदी ने अमरावती में मारे गए उमेश कोल्हे के लिए एक शब्द बोला ? मोदी छोड़िए क्या अमित शाह ने एक शब्द बोला..लेकिन यही मोदी जब शबाना आज़मी का एक्सीडेंट होता है या फिर शिखर धवन के अंगूठे में चोट लगती है तो तुरंत चिंता ज़ाहिर करते हैं..क्या कन्हैया लाल के परिवार वालों को किसी बीजेपी सरकार ने पैसे दिए ? क्या आपको पता है राजस्थान की कांग्रेस सरकार ने कन्हैया लाल के दोनों बेटों की नौकरी दे दी है लेकिन यूपी में कमलेश तिवारी की बेवा अब भी नौकरी का इंतजार कर रही है..

अच्छा वो छोड़िए..याद है किस तरह प्रधानमंत्री बनने के कुछ ही दिन बाद मोदी ने गौरक्षकों को गुंडा कहा था..आज गुरुग्राम में आई तस्वीरें देखी क्या आपने ? कैसे जान हथेली पर रखकर गौरक्षकों ने गौतस्करों को पकड़ा...कितने ही गौरक्षक मारे जा चुके हैं..याद ही कानपुर के एक कार्यक्रम में रोहित वेमुला के लिए कैसे आंसू बहाए थे मोदी ने ? लेकिन क्या कभी किसी बीजेपी कार्यकर्ता के लिए आंसू बहाते देखा है मोदी को ?

हिंदुओं की रक्षा और अब्दुल को टाइट रखने के नाम पर बीजेपी वोट लेती है...ईमानदारी से पूछिए पिछले 8 साल में हिंदुओं की कितनी रक्षा हुई और अब्दुल कितना टाइट हुआ ? ये भी चेक करिएगा कि अब्दुल टाइट हुआ या उसने सरकार को ही टाइट कर दिया..4 महीने तक शाहीनबाग में धरना रहा...दिल्ली में दंगे हुए..अब्दुल खुल्ला घूम रहा था और सरकार ऐसी टाइट हुई कि ना CAA का जिक्र करती है...ना NRC का...पिछले कुछ महीनों में कितने सर तन से जुदा हो गए...कुछ ही दिन पहले मुख्तार अब्बास नकवी द्वारा दिए गए आंकड़े पोस्ट किए थे मैंने...सरकारी योजनाओं का सबसे ज्यादा फायदा अब्दुल ही ले रहा है..हिंदुओं की रक्षा और अब्दुल को टाइट रखना...बीजेपी की जीत का एकमात्र कारण है..लेकिन इसमें भी फेल..बाकी सरकार की आर्थिक नीतियों पर क्या बोला जाए...बस एक ही उदाहरण काफी है..

ब्लैकमनी को खत्म करने के लिए 1000 का नोट बंद कर 2000 रूपये का नोट जारी करने का चमत्कारिक आइडिया मोदी जैसे महापुरुष के ही दिमाग में आ सकता था और ब्लैकमनी ऐसी खत्म हुई जिसका सबूत आजकल बंगाल में पार्थ चटर्जी और अर्पिता चटर्जी के घर में दिख रहा है

एडम स्मिथ को फादर ऑफ इकॉनोमिक्स कहा जाता है...मोदी तो एडम स्मिथ के भी बाप हैं..

 

✍🏼 DEEPAK JOSHI

 

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