बाइक सवार बदमाशों ने युवक को मारी गोली-17 दिन पहले जेल से जमानत पर आया था घर

बाइक सवार बदमाशों ने युवक को मारी गोली-17 दिन पहले जेल से जमानत पर आया था घर

आजमगढ़। बरदह थाना क्षेत्र के बड़ेपुर गांव के पास बाइक सवार बदमाश एक युवक को गोली मारकर फरार हो गए. रास्ते से गुजर रहे एक आटो चालक ने जमीन पर पड़े युवक के मोबाइल से उसके रिश्तेदार को फोन कर घटना की सूचना दी. वहीं पुलिस को भी सूचना दे दी. मौके पर परिजन व पुलिस पहुंची आनन-फानन उसे स्वास्थ्य केंद्र ठेकमा लेकर गई. जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया. जिस युवक को गोली लगी है, वह अभी 17 दिन पूर्व जमानत पर जेल से छूटकर घर आया था. युवक पर हत्या का मुकदमा पंजीकृत है. वहीं कुछ माह पूर्व पुलिस ने गैंगेस्टर की भी कार्रवाई की थी.

मिली जानकारी के मुताबिक बरदह थाना क्षेत्र के इसहाकपुर गांव निवासी आद्या प्रसाद राजभर (40) पुत्र सतिराम शुक्रवार की दोपहर करीब एक बजे दवा लेने के लिए ठेकमा जा रहे थे. बड़ेपुर गांव के पास पहुंचे ही थे कि पीछे से आ रहे बाइक सवार दो बदमाश ने तमंचे से फायर कर दिया. पहली गोली मिस हो गई लेकिन दूसरी गोली उसके बाएं हाथ में जा लगी. जिससे बाइक अनियंत्रित हो गई और वह जमीन पर गिर पड़ा. उधर बाइक सवार बदमाश भाग निकले. उधर से गुजर रहे एक आटो चालक ने उसे जमीन पर गिरा देख आटो रोका और उसके मोबाइल से उसके रिश्तेदार को फोन किया. रिश्तेदार ने तत्काल इसकी सूचना परिजनों को दी.

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वहीं गोली लगने की सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची. परिजन व पुलिस घायल आद्या प्रसाद को स्वास्थ्य केंद्र ठेकमा पर ले गए. जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया. जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है. वहीं पत्नी विद्या ने बताया कि ग्राम पंचायत चुनाव के दौरान गांव के ही कुछ लोगों से विवाद हो गया. इस दौरान बगल की रहने वाली एक बहु को गोली लग गई. इस मामले में उसके पति आद्या प्रसाद समेत आठ लोग नामजद किए गए. जिसमें पांच जेल की सलाखों के पीछे हैं. दो को अदालत से अरेस्ट स्टे मिल गया है. वहीं उसके पति को भी जेल में भेज दिया गया था.

कुछ माह उनको जमानत मिली थी लेकिन पुलिस ने गैंगेस्टर की कार्रवाई कर उन्हें फिर से जेल भेज दिया. 17 दिन पूर्व वह जमानत पर जेल से छूटकर घर आए थे. आरोप है कि विपक्षियों द्वारा जान से मारने की धमकी दी जा रही थी. उन्हीं लोगों द्वारा इस घटना को अंजाम दिया गया है. हालांकि पीड़ित पक्ष की तरफ से कोई तहरीर नहीं दी गई है. आद्या प्रसाद शिक्षा मित्र के पद पर थे. हत्या का मुकदमा दर्ज होने के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया था. अभी तक उनकी बहाली नहीं हो सकी है.

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