धूमधाम के साथ IIA KANPUR में किया गया झंडारोहण

धूमधाम के साथ IIA KANPUR में किया गया झंडारोहण

आजादी के 75 वर्ष पूरे होने पर आज 76वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर रिमझिम इस्पात के एमडी योगेश अग्रवाल द्वारा IIA KANPUR में झंडारोहण किया गया। झंडारोहण के बाद उद्यमियों को संबोधित करते हुए संस्था के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील वैश्य ने कहा कि आजादी के 75 वर्ष राष्ट्र की एक बहुत बड़ी यात्रा होती है। आज के उद्यमियों ने गुलामी का दौर नहीं देखा है, इसलिये हमें गुलामी के दर्द का एहसास नहीं है। लेकिन आपातकाल के दौर को याद करते हुए उन्होंने कहा कि गुलामी का दौर आपातकाल से भी ज्यादा बुरा दौर था, जहाँ सभी भारतीयों के मौलिक अधिकारों को छीन लिया गया था और देखते ही देखते सोने की चिड़िया के दर्जे को खत्म कर दिया गया। 

इस मौके पर मुख्य अतिथि के तौर पर आये रिमझिम इस्पात के एमडी योगेश अग्रवाल ने स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सभी उद्यमी समाजसेवी और राष्ट्रसेवक होते है। इंड्रस्टी के तौर पर हम देश में रोजगार देते है, टैक्स देकर सरकार के राजस्व को बढ़ाते है और माल का निर्यात कर देश की विदेशी मुद्रा को भी बचाते है। उद्यमियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अगर अपने उद्योग को सफल बनाना है तो उससे होने वाली कमाई का कम से कम 50 प्रतिशत उद्यम में लगाना चाहिए। 

नवीन जिंदल की वजह से आज हर घर में दिख रहा है तिरंगा
सुनील वैश्य ने झंडे को फहराने के नियमों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि आज हमें झंडा फहराने का जो अधिकार मिला है, उसके साथ ही झंडे की सम्मान की जिम्मेदारी भी मिली है। उन्होंने कहा कि पहले झंडा फहराने का अधिकार आम भारतीय को नहीं था। उन्होंने दिग्गज व्यापारी नवीन जिंदल का किस्सा सुनाते हुए कहा कि टेक्सास से पढ़कर जब नवीन जिंदल भारत आये तो उन्होंने यूरोपीय देशों की तर्जकर अपनी रायगढ़ के कारखाने परिसर में राष्ट्रीय ध्वज फहरा रखा था। इस बात की जानकारी होते ही स्थानीय जिलाधिकारी मौके पर पहुॅचकर झंडे को उतरवा दिया। 
इस बात से छुब्द होकर नवीन जिंदल ने लम्बी कानूनी लड़ाई लड़ी और 26 जनवरी 2002 को आम भारतीय को झंडा फहराने का अधिकार प्राप्त हुआ। 

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