वेतन की मांग कर रहे ई-बस परिचालकों पर पुलिस ने बरसी लाठियां , दो दिन से कर रहे थे प्रदर्शन

वेतन की मांग कर रहे ई-बस परिचालकों पर पुलिस ने बरसी लाठियां , दो दिन से कर रहे थे प्रदर्शन

कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर के चकेरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत अहिरवां स्थित इलेक्ट्रिक बस चार्जिंग स्टेशन (डिपो) पर दो दिन से अपने वेतन की मांग कर रहे इलेक्ट्रॉनिक बस परिचालकों को वेतन की मांग करना महंगा पड़ गया। पुलिस ने गुरुवार को इलेक्ट्रॉनिक बस के परिचालकों को लाठीचार्ज कर खदेड़ा। वहीं पर चालकों द्वारा आरोप लगाया गया है कि पुलिस ने महिला परिचालकों को भी लात-घूंसों से पीटा है। फिलहाल प्रदर्शन स्थल पर भारी पुलिस बल तैनात है। कर्मचारियों की हड़ताल से ई-बस का संचालन पूरी तरह ठप है, पर चालकों की हड़ताल की वजह से लगभग 30,000 से अधिक यात्री प्रतिदिन परेशानी का सामना कर रहे हैं। आपको बता दें कि जनपद में चल रही इलेक्ट्रॉनिक बसों का संचालन चालकों की हड़ताल की वजह से ठप पड़ा है क्योंकि पिछले 2 दिन से परिचालक वेतन ना मिलने की वजह से हड़ताल पर हैं।

आपको बता दें कि इलेक्ट्रॉनिक बसों में कार्यरत चालक और परिचालकों ने बताया कि वे एक निजी कंपनी के जरिए लगाए गए हैं। उनका आरोप है कि कई माह का उन्हें वेतन नहीं मिला। मजबूर होकर जब वे धरने पर बैठे तो कंपनी ने 15 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया। वे अपने साथियों की बहाली और वेतन की मांग को लेकर दो दिन से प्रदर्शन कर रहे थे।

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गुरुवार को पुलिस ने उन्हें धरना समाप्त करने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया। इस पर उन लोगों की पुलिस से तीखी नोक-झोंक हुई तो भारी संख्या में मौजूद पुलिस कर्मियों ने उन्हें पीटना शुरू कर दिया। इस दौरान महिलाओं से भी लात-घूंसों से मारा और अभद्रता की। पुलिसकर्मियों ने लाठी चार्ज कर सभी को प्रदर्शन स्थल से खदेड़ दिया। इस मामले में पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि भीड़ को हटाने के लिए लाठियां भांजी गई हैं।

इस प्रकरण को लेकर डिपो के नोडल अधिकारी राहुल सिंह का कहना है कि परिचालक और चालकों की ओर से कुछ मांगें रखी गई थीं। जो स्वीकार ली गई हैं, लेकिन वे लोग वेतन निर्धारित करने व स्थायी की मांग पर अड़े थे। हालांकि दैनिक यात्रियों की असुविधा के मद्देनजर ई-बसों का संचालन बिना परिचालकों के शुरू करा दिया गया है। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों की कोई पंजीकृत यूनियन नहीं है।

 

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