जीविका दीदी डेढ़ वर्ष से मास्क के रुपया भुगतान का कर रही इंतजार, अधिकारियों से मिल रहा बस आश्वासन

जीविका दीदी डेढ़ वर्ष से मास्क के रुपया भुगतान का कर रही इंतजार, अधिकारियों से मिल रहा बस  आश्वासन

सुपौल(बिहार):: त्रिवेणीगंज प्रखंड क्षेत्र के जीविका दीदीयों ने कोरोना काल में जिंदगी दांव पर लगाकर मास्क निर्माण किया। और जीविका दीदी की मास्क ने संक्रमण को मात दिया था। लेकिन डेढ़ साल बीत जाने के बाद भी उनलोगों की मेहनत रंग नही ला पा रही है। नतीजन डेढ़ वर्ष बीत जाने के बाद भी निर्माण किये गए मास्क का भुगतान नही हो पाया। 

भुगतान के नाम पर अधिकारियों द्वारा सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है। जिससे जीविका दीदीयों में आक्रोश व्याप्त है। मालूम हो प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा बीते वर्ष 24 अप्रेल को जीविका को मास्क उपलब्ध कराने के लिए पत्राचार किया गया। इसके उपरांत तत्कालीन जीविका बीपीएम द्वारा एक लाख पच्चीस हजार मास्क उपलब्ध कराने की बात कही गई थी और युद्ध स्तर पर काम कर एक लाख पच्चीस हजार मास्क का निर्माण किया। 

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लेकिन संबंधित अधिकारी द्वारा एक लाख अठारह हजार सात सौ पचास मास्क ही जीविका दीदी से खरीद किया गया। जिसकी कुल राशि सत्रह लाख इकासी हजार दो सौ पचास होता है। लेकिन मजे की बात तो यह कि डेढ़ साल बीतने को है। लेकिन पंचायती राज विभाग के द्वारा अभीतक प्रेरणा जीविका महिला संकुल स्तरीय संघ त्रिवेणीगंज के खाते में ग्यारह लाख अठावन हजार सात सौ पचास का भुगतान किया गया है। 

परिणास्वरूप शेष बचे छह लाख बाईस हजार पांच सौ रुपये भुगतान के लिए जीविका दीदी लगातार वरीय अधिकारी को पत्राचार कर रहे है। लेकिन संबंधित अधिकारी कोरोना काल मे दिनरात मास्क निर्माण में जुटे जीविका दीदीयों के भुगतान के प्रति लापरवाह बने हुए है। जो पत्राचार तक ही सीमित होता दिखाई दे रहा है।  

प्रेरणा जीविका महिला संकुल स्तरीय संघ के तत्कालीन एसजेवाई एमआरपी रूपम रूपाली ने बताया कि डेढ़ साल के बीतने को है सीएलएफ को जीविका दीदी मास्क दिए थे। जिसमें कुछ को पेमेंट मिला था। और बाकी पेमेंट पर ब्रेक लग गया। जिसपर विभागीय अधिकारी द्वारा आगे से पेमेंट नही होने की बात बताई जा रही है। जबकि जीविका दीदी ने सीएलएफ को मास्क दिया था और सीएलएफ से पेमेंट देने का प्रावधान है। उन्होंने प्रखंड से लेकर जिला स्तर पर रुपया का बंदरबांट करने का आरोप अधिकारियों पर लगाया है। 

जबकि कोरोना काल के विषम परिस्थिति में जीविका समूह की दीदियों ने दिन- रात एक कर एक महीने में ही बड़े पैमाने पर मास्क बनाए थे। उन्हें उम्मीद थी की मास्क बनाने के एवज में मजदूरी के रूप में जो आमदनी होगी उनसे उनके घर- परिवार का काम चल जाएगा। लेकिन प्रखंड और पंचायत स्तर पर भुगतान को लेकर बरती जा रही उदासीनता इन दीदियों की आर्थिक परेशानी बढ़ा रही है। प्रभारी बीपीएम सुधीर कुमार हजारी ने बताया कि मास्क भुगतान के लिए बार-बार टॉर्चर कर रही है। हम इसको लेकर प्रखंड से लेकर जिला तक सूचना दिए हैं। आदेश आने के बाद हम पेमेंट कर देंगे। यहां एक लाख छियालीस हजार मास्क का निर्माण किया गया था। दीदी लोगों का साढ़े लाख नौ रुपया बाकी है। जैसे ही पंचायती राज विभाग से पेमेंट आ जाता है। और जिला के निर्देश हो जाते हैं तो पेमेंट का भुगतान कर दिया जाएगा।

रिपोर्ट: संतोष कुमार 

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