मुखिया पति से रिश्वत लेना प्रखंड विकास पदाधिकारी को पड़ा महंगा विभाग ने किया निलंबित

मुखिया पति से रिश्वत लेना प्रखंड विकास पदाधिकारी को पड़ा महंगा विभाग ने किया निलंबित

(सुपौल) त्रिवेणीगंज की प्रखंड विकास पदाधिकारी आशा कुमारी का घूस लेने का वीडियो पूर्व में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया था। जिसमें वे योजना के नाम पर 20 हजार रुपए रिश्वत लेते नजर आईं थी।

इस वीडियो के वायरल होने के बाद सुपौल के प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया था। करीब 2 मिनट 45 सेकेंड के इस वायरल वीडियो में प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं मुखिया के बीच घूस की रकम बढ़ाने को लेकर नोक-झोंक हो रही है। घूसखोर महिला BDO यह कह रही है कि 25 हजार से कम नहीं लूंगी लेकिन बाद में मामला 20 पर सहमत हुआ।इस वायरल वीडियो में बीडीओ और मुखिया के बीच लेनदेन की हो रही बात को स्पष्ट रूप से सुना जा सकता है।

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इस वीडियो में त्रिवेणीगंज के प्रखंड विकास पदाधिकारी आशा कुमारी गुडिया पंचायत के पूर्व मुखिया पति शिवनारायण यादव से सात निश्चय योजना के तहत भुगतान होनेवाली 10 लाख रुपए की राशि के एवज में 25 हजार रुपए की मांग कर रही हैं। जबकि मुखिया पति मामला 20 हजार रुपए पर सहमत करने की बात पर अड़ा है। इस दौरान मुखिया सीसीटीवी को बंद करने की बात कहता है।

जिस पर बीडीओ आशा कुमारी कहती हैं कि सीसीटीवी का तार कटा हुआ है बस लोगों को डराने के लिए सीसीटीवी लगाए हैं। सुपौल के त्रिवेणीगंज प्रखंड की बीडीओ आशा कुमारी का घूस लेने का वीडियो जब सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ तब विभाग ने महिला बीडीओ पर निलंबन की कार्रवाई की। सारी तथ्यों की जांच कर विभाग ने 29/ 8/ 22 को पत्र जारी कर प्रखंड विकास पदाधिकारी आशा कुमारी को निलंबित कर दिया। बता दें कि त्रिवेणीगंज बीडीओ आशा कुमारी का घूसखोरी वाला वीडियो सामने आने के बाद इलेक्ट्रॉनिक सोशल मीडिया ने प्रमुखता से खबर  चलाया था। जिसके बाद विभाग ने भ्रष्टाचार के आरोप में घूसखोर बीडीओ को सस्पेंड कर दिया है।

बिहार सरकार के ग्रामीण विकास विभाग ने पत्र जारी करते हुए कहा है कि आशा कुमारी,प्रखंड विकास पदाधिकारी त्रिवेणीगंज (सुपौल) के विरुद्ध गुड़िया पंचायत के पूर्व मुखिया पति शिवनारायण यादव से धन की उगाही करने संबंधी विडियो इलेक्ट्रॉनिक मिडिया पर वायरल हुआ था।जिससे सुपौल जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार की छवि धूमिल करने उक्त कार्य से जीरो टॉलरेन्स नीति का उल्लंघन करने वरीय पदाधिकारियों के आदेश की अवहेलना करने तथा बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली 1976 के नियम-03 (1) (i) (ii) एवं (ii) के प्रतिकूल कार्य एवं आचरण करने का आरोप पत्र जिला पदाधिकारी सुपौल के पत्रांक- 351-2 दिनांक 09.06.2022 द्वारा विभाग को उपलब्ध कराया गया है। प्राप्त आरोप पत्र पर विभागीय पत्रांक- 1032019 दिनांक 27.06.2022 के द्वारा स्पष्टीकरण की मांग की गयी जो सम्प्रति प्राप्त है।

जिसमें आशा कुमारी के द्वारा उल्लेख किया गया है कि लेन-देन संबंधी आरोप निराधार है और वासस्थल क्रय सहायक योजना के संबंध में स्पष्ट किया गया है कि दिनांक 26.03.2022 को 12 लाभुकों का मुख्यमंत्री वास स्थल क्रय सहायक योजना के तहत जमीन का निबंधन करवा दिया गया है। आशा कुमारी के विरुद्ध आरोप पत्र में गठित आरोप एवं आशा कुमारी से प्राप्त स्पष्टीकरण की समीक्षा विभाग द्वारा की गयी। समीक्षोपरांत पाया गया कि आरोप गंभीर प्रकृति एवं अवैध वित्तीय लेन-देन से संबंधित है। जिसकी वृहत् जांच की आवश्यकता है। आशा कुमारी के त्रिवेणीगंज प्रखंड में पदस्थापित रहने से जिला पदाधिकारी द्वारा प्रतिवेदित आरोप पत्र के साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की संभावना है। जिस कारण से आशा कुमारी को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 9 (क) के तहत निलंबित करते हुये इनके विरुद्ध आरोप की वृहत् जांच हेतु विभागीय कार्यवाही संचालित करने का निर्णय लिया गया। निलंबन अवधि में आशा कुमारी का मुख्यालय जिला ग्रामीण विकास अभिकरण पूर्णियां निर्धारित किया जाता है। निलम्बन की अवधि में आशा कुमारी को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 10 के तहत अनुमान्य जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। आशा कुमारी के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित करने के लिए दिलीप कुमार अग्रवाल विशेष कार्य पदाधिकारी ग्रामीण विकास विभाग बिहार पटना को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया है। जिला पदाधिकारी को जिला स्तर के किसी वरीय पदाधिकारी को उपस्थापन पदाधिकारी नामित करने का निर्देश विभाग ने दिया है।

रिपोर्ट: संतोष कुमार सुपौल।

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