क्रिकेट में डर्टी गेम खेल रहा पाकिस्तान, अर्शदीप को बनाया जा रहा निशाना

क्रिकेट में डर्टी गेम खेल रहा पाकिस्तान, अर्शदीप को बनाया जा रहा निशाना

कभी-कभी चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत बहुत याद आते हैं..देश के अंदर बढ़ती देशद्रोहियों की ज़मात पर एक बार उन्होंने कहा था कि भारत ढाई मोर्चों पर जंग लड़ रहा है...चीन, पाकिस्तान और देश के अंदर बैठे चीन और पाकिस्तान के एजेंट...मोहम्मद सामी के मामले में ही ये क्लियर हो गया था कि सारा खेल पाकिस्तान से खेला गया और पाकिस्तानी आकाओं के इशारे पर उनके एंजेट्स ने भारत में इसे एम्पलीफाई किया...
 
अब अर्शदीप सिंह के मामले में भी बिल्कुल वही टेम्पलेट दोहराई गई..और मज़े की बात ये है कि फिर लोग इसके झांसे में आ गए...अर्शदीप को खालिस्तान से जोड़ने वाले ट्वीट कहां से हुए..इसकी फोटो दी है पोस्ट के साथ..हालांकि इसमें इंडिया तीसरे नंबर पर है लेकिन तीसरे नंबर पर भी इसलिए आया क्योंकि #westandwitharshdeep हैशटैग के साथ खालिस्तानी हैशटैग भी लिखा गया लेकिन मूल रूप से खालिस्तानी शब्द लिखे हुए ट्वीट पाकिस्तान और विदेश से ही किए गए..लेकिन फिर भी भारत में किस धर्म और किस मज़हब के लोगों ने पाकिस्तान के इशारे पर चलाए गए इस एजेंडे को आगे बढ़ाने का काम किया..ये आप सबने देखा..उम्मीदों के मुताबिक जिहादी जुबैर सबसे आगे रहा..जिसने ट्रेंड शुरू होते ही Unknown Twitter handles का Collage बनाया..और फिर भारत में बैठे पाकिस्तानी एजेंट्स ने इसे आगे बढ़ाया..वर्ना तो हमने वो दौर भी देखा है जब 2007 के वर्ल्ड कप में हार के बाद इंडियन क्रिकेटर्स को पुलिस सुरक्षा में घर लौटना पड़ा था..2003 के वर्ल्ड कप में कई खिलाड़ियों के घरों पर पथराव किया गया था..वो सब गलत था..मैं उसे सही नहीं ठहरा रहा..लेकिन एशियाई खासकर भारतीय दर्शक ऐसे ही होते हैं..आजकल के खिलाड़ी तो पाकिस्तान से चलाए जा रहे एजेंडे का सहारा लेकर ही रोने लगते हैं...
 
खैर मेरी पोस्ट का मूल मुद्दा अर्शदीप नहीं है (क्योंकि ये स्टोरी ही फेक है)..मेरी पोस्ट का असली मुद्दा GOAT (Greatest of all time )क्रिकेटर से Woke क्रिकेटर बने विराट कोहली है..कल पाकिस्तान से मैच हारने के बाद कोहली ने ये कहकर विक्टिम कार्ड खेलने की कोशिश की थी कि जब उन्होंने कप्तानी छोड़ी तो धोनी के अलावा किसी ने उन्हें फोन नहीं किया...हैरानी की बात ये रही कि कोहली ने ये समझने की कोशिश नहीं की कि इतने साल इंडियन क्रिकेट टीम के कप्तान रहने के बाद भी आखिर क्यों किसी खिलाड़ी ने उन्हें फोन कर हिम्मत बढ़ाने की कोशिश नहीं की..बशीर बद्र साहब कह गए थे कि कुछ तो मजबूरियां रही होंगी यूं ही कोई बेवफा नहीं होता..आखिर किसने नहीं देखा था कि कोहली ने अनिल कुंबले को किस तरह कोच के पद से हटाया..अपने Yes Man रवि शास्त्री को कोच बनवाया..क्या हमने नहीं देखा कि किस तरह विदेशी दौरों में विराट कोहली अपनी वाइफ अनुष्का शर्मा को सरकारी कार्यक्रमों में (उस देश में भारत के राजनयिक की तरफ से दिए जाने वाले भोज में ) को ले जाते रहे हैं..अपने 100वें टेस्ट में भी अनुष्का शर्मा को ग्राउंड पर लाए...भारत की तरफ से कई खिलाड़ी 100 टेस्ट खेल चुके हैं..कितने क्रिकेटर लाए अपनी पत्नियों को मैदान में..अब आप कहेंगे कि इसमें गलत क्या है..जो पहले किसी ने नहीं किया वो कोहली ने किया तो क्या गलत है..अंजिक्य रहाणे से लेकर आर अश्विन..रोहित शर्मा और भी कई सीनियर खिलाड़ियों से उनकी बनी नहीं..कोहली का ड्रामा उन्हें पसंद नहीं आता था..कोहली भी खुद में और पत्नी में ही खोए रहते थे..तो अब इस बार क्यों रोना कि किसी ने उन्हें फोन नहीं किया..
 
मज़े की बात ये रही कि कोहली ने कहा कि सबके पास उनका नंबर था लेकिन उनसे डायरेक्ट बात करने की बजाए लोग टीवी के जरिए बात कर रहे थे..तो फिर यही बात कोहली के लिए भी कही जा सकती है..उनके पास भी तो सबके नंबर हैं..उन्होंने अपने शिकायत सीधे इन खिलाड़ियों से क्यों नहीं की..टीवी के जरिए अपनी बात क्यों कही...पर उपदेश कुशल बहुतेरे..थोड़ा फॉर्म में वापस लौटते ही कोहली फिर अपनी एरोगेंट साइड दिखाने लगे हैं.. पता नहीं मुझे ऐसा क्यों लग रहा है कि कोहली रनों के मामले में कुछ और रिकॉर्ड भले ही बना लें..लेकिन कपिल, गावस्कर, सचिन, द्रविड़ या धोनी की तरह जननायक नहीं बन पाएंगे..
 

✍🏼 DEEPAK JOSHI

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