क्या 2024 में फिर साथ आ सकते हैं बुआ-भतीजे

क्या 2024 में फिर साथ आ सकते हैं बुआ-भतीजे

उत्तर प्रदेश विधानसभा के बाहर सपा नेता अखिलेश की अगुआई में युवा नेताओ ने महंगाई, क़ानूनव्यवस्था पर पैदल मार्च निकाला है। पुलिस द्वारा बैरिकेडिंग किये जाने पर सपा नेता रोक दिए गए हैं। सपा नेताओं को पैदल मार्च निकालते हुए यह दूसरा दिन है। पुलिस द्वारा रोक दिए जाने पर और महंगाई, क़ानूनव्यवस्था आदि पर तंज करते हुए बसपा नेता मायावती ने ट्वीट किया कि यह भाजपा सरकार की तानाशाही प्रवत्ति हो गयी है। 

मायावती ने दूसरे ट्वीट में लिखा कि, इलाहाबाद विश्वविधालय द्वारा फीस में एकमुश्त भारी वृद्धि को छात्रों द्वारा विरोध किये जाने पर उनको दण्डित कर कुचलने का प्रयास जारी है। और भारतीय जनता पार्टी देश में उग्र को बढ़ावा दे रही है। जिससे कानून व्यस्था विन्ध्वन्श जाती है। बीजेपी की सरकार में लोगों को समय अनुसार जॉब नहीं मिल पाने के कारण बेरोजगारी की प्रमुख समस्या उत्पन्न हो गयी है। इस प्रकार बसपा नेता मायावती और सपा नेता अखिलेश सिंह यादव के द्वारा बीजेपी को इन सब मामलों में कड़ी टक्कर दे रहे हैं। ये दोनों लोग बीजेपी के विरुद्ध  वर्ष 2024 के चुनाव में साथ में दिख सकते हैं। और बीजेपी को कड़ी टक्कर दे सकते हैं। 

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