G7 ने रूस के खिलाफ बनाई साजिश, भारत का इससे क्या होगा फ़ायदा

G7 ने रूस के खिलाफ बनाई साजिश, भारत का इससे क्या होगा फ़ायदा

विश्व में उभरती अर्थव्यस्था की होड़ में 90 के दशक से रूस ताकतवर अर्थव्यवस्था के रूप में सभी देशों से आगे निकल कर आया है। 90 के दशक के बाद रूस  सयुंक्त राज्य अमेरिका के प्रतिद्वंदी बनकर दुनिया के सामने अपनी ताकत को दिखाने में सफल रहा है। तब से लेकर आज तक अमेरिका और रूस के बीच प्रतिद्वंदी मामले अक्सर देखने को मिलते हैं। अमेरिका अपने प्रतिद्वंदी किसी भी देश को उभरता नहीं देख सकता है, इसलिए G7 ने रूस पर तेल को बेचने में पश्चिमी देशों में प्रतिबन्ध लगा दिया है। 

 

विश्व में G7 ने रूस को कच्चे तेल को पश्चिमी देशों में बेचने पर बेचने में रोक लगा दी है। G7 के सदस्य देश कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटैन और अमेरिका देश शामिल हैं। G7 'कम्युनिटी ऑफ़ वैल्यूज' यानि मूल्यों का आदर करने वाला समुदाय मंटा है। G7 स्वतंत्रता और मानवाधिकारों की सुरक्षा, लोकतंत्र और कानून का शासन और समृद्धि, सतत विकास प्रमुख सिद्धांत हैं। इस साल G7 की अध्यक्षता जर्मनी देश कर रहा है। इसी का कारण है कि यूरोप ने रूस से कच्चे तेल के ब्यापार में प्रतिबन्ध लगा दिया है। जिसका फ़ायदा अब भारत और चीन जैसे देश लेंगे। वैसे भी भारत रूस से ही इस समय ज्यादातर कच्चा तेल आयात कर रहा है। अब आशा है कि G7 की वजह से भारत को रूस और सस्ता में कच्चा तेल प्रदान करेगा।  

 

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