पृथ्वी को बचाने के लिए नासा ने स्पेसक्राफ्ट से नष्ट किया एस्टेरॉयड को

पृथ्वी को बचाने के लिए नासा ने स्पेसक्राफ्ट से नष्ट किया एस्टेरॉयड को

मंगलवार प्रातः को नासा के वैज्ञानिकों ने स्पेसक्राफ्ट को 22530 किलोमीटर की गति से उल्का पिंड से टकराकर नष्ट कर दिया। इस प्रकार नासा के वैज्ञानिकों ने दुनिया को एस्टेरॉयड से होने वाले नुक्सान से बचा लिया। नासा ने पहली बार एस्टेरॉयड की कक्षा को बदलने में सफलता हासिल की है। 

जब एक एस्टेरोइड पृथ्वी से टकराता है, तो पृथ्वी में विकृति उत्पन्न्न कर देता है। इसलिए नासा ने पृथ्वी को बचाने के लिए पहले डार्ट मिशन ने डाइमॉरफोस और एस्टेरॉयड डिडिमोस के वातावरण, मिट्टी, पत्थर और सरंचना की स्टडी की। फिर इसके बाद स्पेसक्राफ्ट से करीब 22,530 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से डाइमॉरफोस से स्टेरॉयड को टक्कर दी। जिससे नासा के वैज्ञानिकों ने स्टेरॉयड  कक्षा परिवर्तित करने में सफलता हासिल की। हालांकि, यह एक प्रयोग था और यह परीक्षण पृथ्वी से 11 मिलियन किमी दूर सूर्य की परिक्रमा कर रहे एक छोटे एस्टेरॉयड के साथ किया गया है। मंगलवार के मिशन को डबल एस्टेरॉयड पुनर्निर्देशन परीक्षण या डार्ट कहा गया। लक्षित एस्टेरॉयड डिमोर्फोस वास्तव में डिडिमोस नामक एक एस्टेरॉयड का उपग्रह था। डिडिमोस की चौड़ाई 780 मीटर है जबकि डिमोर्फोस लगभग 160 मीटर है का था। डिमोर्फोस डिडिमोस के चारों ओर परिक्रमा करता है, और यह दोनों ही सूर्य के चारों ओर घूमते हैं। डिमोर्फोस को लक्षित करने के लिए वैज्ञानिकों ने जिन कारणों को चुना उनमें से एक डिडिमोस के आसपास इसकी अपेक्षाकृत छोटी कक्षा का होना था। इस कक्षा में विचल का अध्ययन अधिक आसान होगा। DART मिशन को पिछले साल नवंबर में लॉन्च किया गया था। 

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