PFI पर भारत ने लगाया बैन

PFI पर भारत ने लगाया बैन

पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया भारत चरमपंथी इस्लामी गठबंधन था। पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया 22 नवंबर 2006 को तीन मुस्लिम संगठनो के मिलने से बना था। इनमे केरल का नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट, कर्नाटक फोरम फॉर डिग्निटी और तमिलनाडु का मनिता नीति पसरइ साथ आये। PFI खुद को गैर-लाभकारी संघठन बताता है। पर गृहमंत्रालय ने अब 5 साल के लिए पीएफआई पर बैन लगा दिया है। 

पुलिस द्वारा घातक हथियार, बम, बारूद, तलवारें मिली हैं और उन पर तालिबान और अल-कायदा जैसे आतंकवादी संगठनों के साथ संबंध होने की आशंका है। PFI पर पुलिस ने टेरर फंडिंग और कैंप चलाने के मामले में जांच एजेंसी पर कार्रवाई करी। दिल्ली में एनआईए ने पीएफआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओएमएस सलाम और दिल्ली अध्यक्ष परवेज अहमद को गिरफ्तार कर किया है। छापेमारी में पुलिस ने दो देसी बम, एक तलवार, बम बनाने का कच्चा सामान और कुछ पर्चे बरामद किए हैं।  हालांकि, PFI ने दावा किया है कि ये केस संगठन की छवि खराब करने के लिए किया गया है। बाद में इस केस की जांच NIA को सौंप दी गई है। 22 सितंबर और 27 सितंबर को NIA, ED और राज्यों की पुलिस ने PFI पर ताबड़तोड़ छापेमारी की है। जिस पर, पहले राउंड की छापेमारी में 106 PFI से जुड़े लोग गिरफ्तार किये थे। और दूसरे राउंड की छापेमारी में 247 PFI से जुड़े लोग गिरफ्तार/हिरासत में लिए गए हैं। जांच एजेंसियों को PFI के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिले हैं। इसके बाद जांच एजेंसियों ने गृह मंत्रालय से कार्रवाई की मांग की है। जांच एजेंसियों की सिफारिश पर गृह मंत्रालय ने PFI पर बैन लगाने का फैसला किया है। 

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