ISRO ने चंद्रमा पर कर दिखाया यह बड़ा कारनामा

ISRO ने चंद्रमा पर कर दिखाया यह बड़ा कारनामा

विश्व में बढ़ती तकनीकि में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के चंद्रयान-2 ऑर्बिटर में लगे एक्स-रे स्पेक्ट्रोमीटर 'क्लास' ने पहली बार चंद्रमा की सतह पर प्रचुर मात्रा में सोडियम का पता लगाया है। 

 

विश्व में बढ़ती तकनीकि में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के चंद्रयान-2 ऑर्बिटर में लगे एक्स-रे स्पेक्ट्रोमीटर 'क्लास' ने पहली बार चंद्रमा की सतह पर प्रचुर मात्रा में सोडियम का पता लगाया है। ISRO के वैज्ञानिकों ने  चंद्रयान-1 एक्स-रे फ्लूरोसेंस स्पेक्ट्रोमीटर से सोडियम का पता लगाने की जानकारी दी है। राष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसी ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि चंद्रयान-2 ने पहली बार क्लास चंद्रयान-2 लार्ज एरिया सॉफ्ट एक्स-रे स्पेट्रोमीटर का इस्तेमाल कर चंद्रमा पर प्रचुर मात्रा में सोडियम की मौजूदगी का पता लगाया है। अंतरिक्ष में भारत की एक और ऊंची छलांग की तैयारी, अगस्त 2022 में लॉन्च होगा। चंद्रयान-3 के अध्ययन से चंद्रमा पर सोडियम होने के संकेत संभवत: ( सोडियम अणुओं की एक पतली परत ) से भी मिले हों। यह परत चंद्रमा के कणों से कमजोर रूप से जुड़ी हुई प्रतीत  होती है। ये सोडियम चंद्रमा के खनिजों का हिस्सा हैं तो इन सोडियम अणुओं को सौर वायु या पराबैंगनी विकिरण की साहयता से आसानी से सतह से बाहर निकाला जा सकता है। इस क्षार तत्व में दिलचस्पी पैदा करने वाला एक रोचक पहलू, चंद्रमा के महीन वातावरण में इसकी मौजूदगी है। जोकि इतना तंग क्षेत्र है कि वहां अणु भी विरले ही कभी मिलते हैं। इस क्षेत्र को 'एक्सोस्फीयर' कहा जाता है, जो चंद्रमा की सतह से शुरू होकर हजारों किलोमीटर तक फैला होता है। ISRO के द्वारा चंद्रयान-2 की इस नई जानकारी से चंद्रमा पर सतह-एक्सोस्फीयर के बारे में एक नया अध्ययन करने का मौका मिलेगा। इससे हमारे सौरमंडल में तथा उसके आगे बुध ग्रह और अन्य वायुहीन पिंडों के लिए ऐसे ही मॉडल विकसित करने में मदद मिलेगी। 

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