साथ जीने-मरने की मिसाल में पति की मौत के बाद पत्नी ने भी छोड़ दी दुनियां, एक साथ ही चिता पर हुआ अंतिम संस्कार

साथ जीने-मरने की मिसाल में पति की मौत के बाद पत्नी ने भी छोड़ दी दुनियां, एक साथ ही चिता पर हुआ अंतिम संस्कार

इटावा जसवंतनगर: कहते हैं जोड़ियां स्वर्ग से बनकर आती हैं। जिंदगी और मौत का समय भी ऊपर से लिखकर आता है लेकिन ऐसे जोड़े विरले होते हैं जो साथ जीने-मरने की तकदीर लिखवाकर धरती पर आते हैं। ऐसी ही एक जोड़ी रघुवर दयाल प्रजापति और विमला देवी की थी जिस जोड़ी ने इसे सच साबित कर दिया है। क्षेत्र के गांव खेड़ा धौलपुर में पति की मौत के बाद गमगीन पत्नी विमला देवी भी दुनियां से विदा हो गईं। मौत के बाद दोनों की शवयात्रा भी साथ-साथ निकाली गई तथा उनका एक साथ ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया।

 
विवरण के अनुसार वृद्ध रघुवर दयाल प्रजापति कुछ समय से अस्वस्थ थे जिसके कारण उनकी मौत शनिवार की शाम हो गई थी। पति की मौत के बाद उनके शव को देखकर पत्नी विमला देवी भी बेसुध हो गईं और बाद में उन्होंने  भी दुनियां छोड़ दी। इसके बाद रविवार की सुबह पति-पत्नी दोनों की अंतिम यात्रा एक साथ निकाली गई और उनका अंतिम संस्कार एक साथ एक ही चिता पर किया गया। यह दृश्य देखकर लोगों की आंखें नम हो गईं। इस वाकये की चर्चा क्षेत्र में चारों ओर फ़ैल रही है।


मृतक रघुवर दयाल प्रजापति और विमला देवी के बड़े बेटे विनोद ने बताया कि उनकी मां और पिताजी में बहुत प्रेम था। दोनों में लड़ाई-झगड़ा या मनमुटाव शायद ही कभी होता था। उन्हें विश्वास ही नहीं हो रहा है कि उनके सिर से माता-पिता का साया एक साथ ही उठ गया। उन्होंने कहा कि ईश्वर दोनों की आत्मा को शांति दें और हर जन्म में वे ही उनके माता-पिता के रूप में मिलें यही कामना करते हैं। मृतक दंपति के तीन पुत्र विनोद, प्रमोद, राजू व दो पुत्रियां सुनीता और संगीता हैं। 

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