जानिए, क्या हुआ जब पुलिस ने मुस्लिम को पीटा

जानिए, क्या हुआ जब पुलिस ने मुस्लिम को पीटा

देश में सभी लोंगो को अनुच्छेद 21 के अंतर्गत प्राण और दैहिक का अधिकार और अनुच्छेद 24 में शोषण के विरूद्ध अधिकार प्राप्त है। अनुच्छेद 19A के अन्तर्गत बोलने और विचार करने का प्रावधान तो है पर जब तक किसी को परेशानी न हो। गुजरात में एक पुलिस ने कई मुस्लिम को बड़ी बेरहमी से मार दिया जिससे उसने हाई कोर्ट में याचिका दर्ज कर दी। हाई कोर्ट ने याचिका पर कार्यवाही कर पुलिस को नोटिस दे दी है।  


20 अक्टूबर को गुजरात की हाई कोर्ट ने अहमदाबाद रेंज के पुलिस महानिरीक्षक, खेड़ा जिले के पुलिस अधीक्षक और 13 स्थानीय पुलिस कर्मियों से मुसलमानो की सार्वजनिक पिटाई की शिकायत पर जवाब मांगा है। खेड़ा में 3 अक्टूबर को एक गरबा कार्यक्रम में पथराव की एक घटना घटित हुई थी। इसके बाद पुलिस ने गरबा आयोजन पर पथराव के आरोपियों को हिरासत में ले लिया था। आरोप है कि इसके बाद पथराव के आरोपियों को पुलिस ने गांव के चौराहे पर सार्वजनिक रूप से पिटाई की थी और उन लोंगो से सबके सामने माफी मंगवाया था। पुलिस ने गरबा में सार्वजनिक रूप से पिटाई की थी। जिस पर अब गुजरात हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस आशुतोष जे. शास्त्री की बेंच ने राज्य सरकार और पुलिस को नोटिस जारी किया है। पुलिस द्वारा पिटाई के पांच पीड़ितों ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। 

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