27 साल बाद आखिर क्यों, दीपावली के दूसरे दिन बंद करने पड़े मंदिरों के कपाट

27 साल बाद आखिर क्यों, दीपावली के दूसरे दिन बंद करने पड़े मंदिरों के कपाट

27 साल पूर्व कुछ ऐसा ही हुआ था, जब दीपावली के अगले दिन मंदिरों के कपाट बंद करने पड़े थे। बता दें कि 1995 में दिवाली के दूसरे दिन कुछ इसी तरह स्थितियां बनी थी कि मंदिर के कपाट बंद करने पड़े थे। और साल भी दीपावली के दूसरे दिन भारत के मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए।

आखिर क्यों करने पड़े मंदिरों के कपाट बंद
आज से 27 साल पहले 1995 में दिवाली के दिन सूर्य ग्रहण पड़ा था। जिसके बाद 27 साल बाद 2022 में साल का आखिरी आंशिक सूर्य ग्रहण पड़ा है। यह सूर्य ग्रहण भारत में आंशिक रूप से देखाई देगा। इसका प्रारंभ 25 अक्टूबर को दोपहर 02 बजकर 29 मिनट से शुरू होकर शाम 06 बजकर 32 मिनट तक रहेगा। यह सूर्य ग्रहण 04 घंटे 3 मिनट तक रहेगा। ऐसी ही स्थिति 27 साल पूर्व 1995 में बनी थी, जब दिवाली के अवसर पर ही सूर्य ग्रहण लगा था। गौरतलब है कि शास्त्रों के अनुसार सूर्य ग्रहण का सूतक काल 12 घंटे पहले ही शुरू हो जाएगा। और सूतक काल में कोई भी शुभ कार्य करना वर्जित है एवं पूजा करना भी शुभ नहीं माना जाता। इसलिए बड़े-बड़े मंदिर स्थलों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। एवं सूर्य ग्रहण समाप्ति के बाद मंदिरों के कपाट खोल कर सबसे पहले पूरे मंदिर की साफ सफाई की जाती है एवं फिर भक्तों के लिए मंदिर के कपाट खोल दिए जाते हैं।

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