विवाद का पर्यायवाची हैं इरफान सोलंकी, बाबा के सुशासन में कस सकती है लगाम

विवाद का पर्यायवाची हैं इरफान सोलंकी, बाबा के सुशासन में कस सकती है लगाम


प्लॉट पर कब्जा करने की कोशिश इतनी भारी पड़ेगी कि पुलिस से छिपते हुए भागना पड़ेगा, ऐसा शायद ही कभी सपा विधायक इरफान सोलंकी ने सपने में भी नहीं सोचा होगा। लेकिन भयमुक्त प्रदेश का वादा कर सत्ता में आये मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में कानपुर पुलिस ने विधायक पर ऐसा शिकंजा कसा है कि विधायक पिछले 13 दिनों से गायब चल रहे है और अब तो उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी हो गया है। 

सपा विधायक हाजी इरफान सोलंकी पर FIR और अरेस्टिंग का यह कोई पहला मामला नहीं है। मौजूदा समय में इरफान पर 6 से अधिक मुकदमें दर्ज है। जबकि उनका भाई रिज़वान उन्नाव का रजिस्टर्ड भू-माफिया है। इरफान को अपराध में संरक्षण देने में कई हद तक पूर्व की समाजवादी सरकार ने भी साथ दिया है। शहर के ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर आनंद प्रकाश तिवारी से प्राप्त जानकारी के मुताबिक वर्तमान में इरफान के 6 और रिजवान के 3 केस मिलाकर दोनों पर कुल 9 मुकदमें दर्ज है। जबकि सपा सरकार के समय में दोनों भाइयों पर दर्ज मुकदमों की संख्या 12 से भी ज्यादा थी। सपा सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान कई मुकदमों को वापस ले लिया था। 

2011 में केस्को एमडी से की थी अभद्रता
सपा राज में महिलाओं का कितना सम्मान होता था, इस बात का पता सिर्फ इस घटना से ही लग सकता है कि वर्ष 2011 में तत्कालीन केस्को एमडी ऋतु माहेश्वरी से विधायक इरफान ने अभद्रता की थी। इस मामले में उनके खिलाफ ग्वालटोली थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी जिसमे पुलिस ने उन्हें अरेस्ट किया था।

तीन तलाक और दहेज उत्पीडन के भी है आरोपी
विधायक इरफान सोलंकी के भाई फरहान की पत्नी ने मारपीट, तीन तलाक और दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज करवाया है जिसमें फरहान के साथ इमरान और उसकी पत्नी पर भी आरोप दर्ज कराया गया है। 
इसके साथ ही पिछले वर्ष 2021 में कोरोना गाइडलाइन के पालन ने करने पर दलेल पुरवा चौराहे पर तैनात दरोगा अभिषेक सोनकर और फहीम खाने ने इरफान के एक समर्थक का चालान काट दिया था, तब इरफान कुछ अराजक तत्वों के साथ दरोगा से भिड़ गये थे, जिसका ​वीडिया सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ था। इस मामले पर भी इरफान पर मुकदमा दर्ज कराया गया था। 

2014 का मेडिकल कॉलेज कांड
साल 2014 को मेडिकल कॉलेज में हुए भीषण लाठीचार्ज को शायद ही कोई भूल सकता है। मार्च 2014 में सपा सरकार के दौरान विधायक इरफान का मेडिकल कॉलेज स्टूडेंट से विवाद हो गया था। विधायक और उनके गनर ने मेडिकल छात्र को पीटा तो मेडिकल कॉलेज के सैकड़ों छात्र सड़क पर आ गए थे। इसके बाद विधायक के करीबी और तत्कालीन कानपुर के एसएसपी यशस्वी यादव ने अपने नेतृत्व में विद्यार्थियों पर जमकर लाठियां चलवाई थीं

विवाद इतना बढ़ गया था कि पूरे प्रदेश के डॉक्टर हड़ताल पर चले गए थे। वहीं 30 हीं मेडिकल छात्रों को जेल भी जाना पड़ा था। तब स्वरूप नगर थाने में विधायक के खिलाफ बलवा, मारपीट, धमकी व तोड़फोड़ करने, दूसरा केस हॉस्टल में घुसकर मारपीट, गोलियां चलाना, गला दबाकर छात्रों की हत्या करने के प्रयास जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज किए गए थे लेकिन मारपीट के फोटो, वीडियो होने के बाद भी दोनों केस में सपा सरकार के रसूख के चलते एफआर लगा दी गई थी। 

 

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