बेकाबू हुए वकील , गाड़ी हटाने को कहा तो ट्राफिक कॉन्स्टेबल से की मारपीट

बेकाबू हुए वकील , गाड़ी हटाने को कहा तो ट्राफिक कॉन्स्टेबल से की मारपीट

कानपुर। प्रतिदिन कानपुर में ट्रैफिक व्यवस्था को बनाए रखने वाले हमारे ट्रैफिक पुलिसकर्मी हर एक मौसम में अपनी बिना परवाह किए ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगे रहते हैं। लेकिन उसके बाद भी कई रसूखदार उनको ड्यूटी करने में बाधा बनते हैं। इन दिनों वकीलों की दबंग गई सर चढ़कर बोल रही है। मामला उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर का है जहां पर वकीलों ने एक ट्राफिक कॉन्स्टेबल को बीच चौराहे पीट दिया। जिसकी पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई। बात सिर्फ इतनी थी कि वकील साहब की कार की वजह से लंबा जाम लग रहा था तो कॉन्स्टेबल ने उन्हें कार साइड करने के लिए कहा जो वकील साहब को नागवार गुजरा इसके बाद उन्होंने अपने और साथियों को बुलाकर कॉन्स्टेबल के साथ मारपीट कर दी। मामले में संयुक्त पुलिस आयुक्त आनंद तिवारी के आदेश पर तीन वकीलों को नाजमद करते हुए उनके खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है।

चोरी की चोरी ऊपर से सीना जोरी

वही एफ आई आर दर्ज होने के बाद आरोपियों ने कोतवाली में वकीलों के साथ मिलकर जमकर हंगामा किया। वकीलों की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें लगी हैं। बता दें, एक महीने के दौरान यह दूसरी घटना है, जब वकीलों ने यातायात की व्यवस्था बनाने वाले कर्मियों के साथ मारपीट की है।

आखिर क्या करें ट्रैफिक पुलिस

20 के अंदर यह दूसरा वकीलों द्वारा ट्रैफिक पुलिस कर्मी से मारपीट का दूसरा मामला है। अगर चौराहे पर जाम लगता है तो लोग ट्रैफिक संभालने वाले पुलिसकर्मियों को जिम्मेदार ठहराते हैं और अगर किसी रसूखदार की गाड़ी को साइड करने के लिए कह दिया तो उसकी नाक पर सवाल हो जाता है। तो आखिर पुलिस करे तो करे क्या, यह सबसे बड़ा सवाल है।

वही घटना के बारे में जानकारी देते हुए ट्रैफिक कॉन्स्टेबल जितेंद्र कुशवाहा ने बताया, "कचहरी के पास महिला थाने के सामने वीआईपी रोड पर मेरी ड्यूटी लगी थी। दोपहर करीब 2 बजे वीआईपी रोड पर वकील सतेंद्र बाजपेई उर्फ चंदू की कार की वजह से लंबा जाम लग गया था। मैंने चालान करने के लिए कार की फोटो खींची। वकील ने फोटो खींचने का विरोध किया। जिसके बाद वकील सतेंद्र ने अपने दो साथी आशुतोष कटियार और जितेंद्र उर्फ जीतू बाजपेई को भी बुला लिया और पिटाई कर दी। इसके बाद वहां से भाग गए।"


कुछ दिन पहले भी ऐसे ही मारपीट की घटना आई थी सामने

वकीलों द्वारा पुलिसकर्मी के साथ मारपीट का कोई यह पहला मामला नहीं है बेखौफ हो चुके वकीलों पर पुलिस लगाम नहीं लगा सकती ऐसा लग रहा है क्योंकि महज 20 दिन पहले ही कचहरी चौराहा पर दोपहर को गाड़ी पार्क करने को लेकर कुछ वकीलों और वहां तैनात पुलिसकर्मियों से कहासुनी के बाद मारपीट हो गई थी। वकीलों ने एक ट्रैफिक कॉन्स्टेबल को जमकर पीटा था। मामले में वहां मौजूद लोगों ने मारपीट का वीडियो वायरल कर दिया।

पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए 3 वकीलों रेवंत मिश्रा, मनोज द्विवेदी, रानू त्रिवेदी और 3 से 4 अन्य अज्ञात लोगों पर FIR दर्ज कर दी थी। 20 दिन के भीतर ही ट्रैफिक कॉन्स्टेबल को पीटने का दूसरा मामला है। साल भर के भीतर 6 बड़े मामले हो चुके हैं। जिसमें वकीलों ने पुलिस कर्मियों से मारपीट की थी। 

मामले में ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर आनंद प्रकाश तिवारी ने बताया, "ट्रैफिक पुलिस के साथ की गई मारपीट की पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई है। वकील ने पुलिसकर्मी से जिस तरह से मारपीट की है, यह कानून के खिलाफ है। इस मामले की एफआईआर कोतवाली में दर्ज कर ली गई है। नियमों के अनुसार वकील पर कार्रवाई की जाएगी। आपराधिक छवि वाले वकीलों पर गैंगस्टर, हिस्ट्रीशीट और गुंडा एक्ट लगाने की कार्रवाई की जाएगी।

Recent News

Related Posts

Follow Us