कर्नाटक के रिटायर्ड प्रोफेसर ने की भगवान राम पर अभद्र टिप्पणी, पहले भी लिख चुका है विवादित किताब

कर्नाटक के रिटायर्ड प्रोफेसर ने की भगवान राम पर अभद्र टिप्पणी, पहले भी लिख चुका है विवादित किताब

बिहार के मंत्री द्वारा पवित्र धार्मिक पुस्तक राम चरित मानस पर ​विवादास्पद टिप्पणी करने के बाद अब कर्नाटक के लेखक एवं रिटायर्ड प्रोफेसर के एस भगवान के बयान ने बवाल खड़ा दिया है। के एस भगवान के श्री राम को शराबी कहने वाली टिप्पणी के बाद से देशभर में बवाल मचा हुआ है। 

यह पहली घटना नहीं है जब के एस ने भगवान राम पर अभद्र टिप्पणी की हो। पिछले साल जनवरी में राम मंदिर पर के एक की विवादास्पद पुस्तक को कर्नाटक पुस्तक चयन समिति ने हटा दिया था। समिति ने पहले भगवान की पुस्तक 'राम मंदिर येके बेदा' का चयन किया था। तब लोगों ने इस पर आपत्ति जताई थी। दरअसल, दक्षिणपंथी संगठनों ने भगवान राम की छवि को खराब तरीके से चित्रित करने के लिए लेखक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किया था। केएस भगवान ने अपनी किताब में यह दावा किया था कि राम भगवान नहीं हैं।

प्रभु श्रीराम के बारे में क्या कहा प्रोफेसर ने ?

कर्नाटक के पूर्व प्रोफेसर ने भगवान राम के बारे में अपमानजनक टिप्पणी की है। प्रो.केएस भगवान ने कहा, "राम राज्य के निर्माण के बारे में बात हो रही है ... यदि कोई वाल्मीकि की रामायण के उत्तर कांड को पढ़ता है, तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि (भगवान) राम आदर्श नहीं थे। उन्होंने 11,000 वर्षों तक शासन नहीं किया बल्कि केवल 11 वर्षों तक शासन किया। भगवान राम दोपहर में सीता के साथ बैठते थे और शेष दिन पीते थे ... उन्होंने अपनी पत्नी सीता को जंगल में भेज दिया और उनकी परवाह नहीं की ... उन्होंने शंबूक का सिर काट दिया। शंबूक एक शूद्र था जो एक पेड़ के नीचे तपस्या कर रहा था। वह आदर्श कैसे हो सकता है?"

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